पड़ताल में सामने आया कि एएसपी अपने दफ्तर में थे। घर पर उनकी 12 साल की बेटी अनन्या मौजूद थी। अनन्या अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। शाम चार बजे वह कमरे से बाहर निकली तो मां को फंदे पर लटका देख उसकी चीख निकल पड़ी। अनन्या ने फौरन अपने पिता को घटना की जानकारी दी। मुकेश 2005 बैच के डिप्टी एसपी हैं। मुकेश ने ही घटना की जानकारी पुलिस को दी। एडीसीपी ममता रानी के मुताबिक नितेश डिप्रेशन में थीं। उनका काफी समय से इलाज भी चल रहा था। सीसीटीवी कैमरे में नितेश फंदा लगाते नजर आई हैं। पूरी घटना कैमरे में कैद है। मामले की छानबीन की जा रही है।
मनोज दो माह पहले ही बरेली से ट्रांसफर होकर लखनऊ आए थे। इसके पहले वह बरेली में एएसपी ट्रैफिक थे। ट्रांसफर होने के बाद वह परिवार के साथ शिफ्ट हुए थे। नितेश की आत्महत्या की खबर सुनकर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उनके आवास पहुंचे। मुकेश मूल रूप से इटावा के अजीतनगर के रहने वाले हैं। वहीं नितेश फिरोजाबाद नगला करन सिंह सीट से बसपा के पूर्व विधायक राकेश बाबू की बेटी हैं।