केजीएमयू में हिंदू संगठनों के लोगों ने किया था हंगामा
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हुए हंगामा-प्रदर्शन के मामले में एफआईआर न होने की वजह से चिकित्साकर्मियों में खासा रोष है। चिकित्साकर्मियों ने सोमवार को इस मामले में बैठक बुलाकर आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
केजीएमयू में शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पहुंचने के बाद उनके समर्थकों और हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा किया था। इस दौरान कुलपति कार्यालय तीन घंटे बाहरियों के कब्जे में रहा और वहां कामकाज ठप रहा। तोड़फोड़ भी हुई और कुलपति का सीयूजी नंबर वाला मोबाइल फोन भी गुम हो गया।
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केजीएमयू प्रशासन की ओर से प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को ही तहरीर दी थी, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। ऐसे में केजीएमयू के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थियों में आक्रोश है। ये सभी आरपार के मूड में हैं।
शुक्रवार को हुआ था हंगामा
केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह का कहना है कि केजीएमयू के कुलपति कार्यालय में शुक्रवार को हंगामा-प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान तोड़फोड़ भी हुई। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इसलिए सोमवार को सभी पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर कोई फैसला किया जाएगा।