सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भारत का संविधान सभी धर्मों के सम्मान और सुरक्षा की गारंटी देता है। यहां किसी धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को आहत करने का कोई भी प्रयास निंदनीय है और उसकी स्वीकृति नहीं दी जा सकती है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि देश-प्रदेश आज संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन लापरवाह है। भारत का संविधान सभी धर्मों के सम्मान और सुरक्षा की गारंटी देता है। यहां किसी धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को आहत करने का कोई भी प्रयास निंदनीय है और उसकी स्वीकृति नहीं दी जा सकती है। सरकार को भड़काऊ बयानबाजी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने में देर नहीं करनी चाहिए ताकि आहत भावनाओं का सम्मान हो सके।
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सपा अध्यक्ष ने बयान जारी करते हुए कहा कि खासकर उत्तर प्रदेश अनेकता में एकता और गंगा-जमुनी सभ्यता, संस्कृति वाला प्रदेश है। यहां बहुधर्मी, बहुभाषी और बहुसंस्कृतियों, परम्पराओं के लोग रहते हैं। इनके बीच सद्भावना और सौहार्द से ही अमन-चैन बना रह सकता है। परस्पर एक दूसरे की भावनाओं के सम्मान और समन्वय से ही समाज में शांति रह सकती है।
दुर्भाग्य से देश में पिछले कुछ समय से संविधान की मूल भावना के विरुद्ध आचरण होता दिखाई दे रहा है। नफरत और समाज को बंटवारे की कोशिशें होती हैं। इससे परस्पर वैमनस्य और असुरक्षा की भावना को बढ़त मिली है। सरकार को इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतते हुए आदर्श राजधर्म का पालन करना चाहिए। समाज के हर वर्ग और संप्रदाय के मान सम्मान की रक्षा भाजपा सरकार का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनता से समाजवादी पार्टी की अपील है कि वह सब्र से काम ले और शांति का वातावरण बनाने में सहयोग करे।