समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा और आरएसएस परस्पर नफरत फैला रहे हैं। उनके एजेंडे से लोकतंत्र, एकता और सद्भाव को गंभीर क्षति पहुंच रही है। गरीब, कमजोर जनता और विपक्षी दलों के नेताओं कार्यकर्ताओं पर भाजपा सरकार का उत्पीड़न बढ़ता ही जा रहा है। इस सबके पीछे उनका इरादा असल और बुनियादी मुद्दों से भटकाना व असहमति की आवाज को दबाना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस लोगों को धर्म के आधार पर भड़काते हैं। बहुसंख्यक समाज की भावनाओं के साथ खेलते हैं। संविधान में सबको एक समान नागरिक अधिकार दिए गए। भाजपा यह सामाजिक तानाबाना को तोड़ने में लगी है। भाजपा सरकार छलबल और सत्ता की ताकत से विपक्ष की विरोध और असहमति की आवाजों को भी दबाना चाहती है। चौथे स्तंभ पर भी दबाव बनाया जाता है। भाजपा के आईटी सेल अफवाहें फैलाकर नफरत की चिंगारी को हवा देने का काम करती है। उन्होंने अयोध्या, बलिया और लखीमपुर सहित अन्य जिलों में पत्रकारों से उत्पीड़न की घटनाओं की निंदा की।
दिल्ली जाएगा प्रतिनिधिमंडल
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नई दिल्ली की जहांगीरपुरी बस्ती उजाडे़ जाने की घटना की जांच के लिए पार्टी का प्रतिनिधि मंडल 22 अप्रैल को मौके पर जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में सांसद शफीकुर्रहमान बर्क, सांसद एसटी हसन, पूर्व सांसद रवि प्रकाश वर्मा, राज्यसभा सदस्य विशम्भर प्रसाद निषाद, पूर्व सांसद जावेद अली खान शामिल हैं।