केस 1: लखनऊ घूमने आए टूरिस्ट सुधीर तिवारी ने 19 जुलाई को जयपुर वापसी के लिए गरीब नवाज एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का टिकट 2,675 रुपये में करवाया। वह भी वेटिंग का, जबकि 2,507 रुपये में एयर इंडिया की फ्लाइट का टिकट मिल रहा है। जानकारी न होने की वजह से अब उन्हें ट्रेन का टिकट कन्फर्म करवाने के लिए दलालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
केस 2: मो. अख्तर हुसैन भोपाल में व्यवसायी हैं। उन्होंने अमौसी एयरपोर्ट से एयर इंडिया का टिकट 6,793 रुपये का कराया, जबकि वह एयर इंडिया की ही सस्ती व किफायती सीधी उड़ान का टिकट 3,242 रुपये में करवा सकते थे। जानकारी के अभाव में उन्होंने महंगा टिकट खरीद लिया, जिसे वह निरस्त कराने की सोच रहे हैं।
हाल ही में शुरू हुई एयर इंडिया की जयपुर, देहरादून और भोपाल के लिए सस्ती फ्लाइटों का प्रचार-प्रसार न होने से यात्रियों को ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल व देहरादून के लिए उम्मीद के मुताबिक, एयर इंडिया को पैसेंजर नहीं मिले और खर्च निकालने में भी मुश्किलें हो सकती हैं।
प्रचार-प्रसार की कमी ही है कि ट्रेन से फ्लाइटें सस्ती होने के बाद भी यात्री कन्फर्म रेल टिकट के लिए दलालों के चक्कर में पड़े हैं। प्रधानमंत्री ने कम दूरी के शहरों के लिए सस्ती व किफायती फ्लाइटें शुरू करने की घोषणा की थी।
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए एयर इंडिया ने बीते पांच जुलाई को अमौसी एयरपोर्ट से जयपुर, देहरादून व भोपाल के लिए फ्लाइटें शुरू कीं, लेकिन एयर इंडिया के अधिकारियों ने प्रचार-प्रसार बेहतर तरीके से नहीं की, जिससे यात्रियों को यह तक नहीं पता लग रहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइटें ट्रेनों से सस्ती हैं।
अगर, अगले हफ्ते की फ्लाइट की बात करें तो लखनऊ-जयपुर का किराया 2,507 रुपये है, जबकि इसी तारीख पर गरीब नवाज एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का टिकट 2,675 रुपये है, जोकि फ्लाइट से महंगा है।
ऐसे ही लखनऊ-भोपाल फ्लाइट का किराया 2,717 रुपये और पुष्पक एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का टिकट 2,235 रुपये है, जबकि लखनऊ-देहरादून की फ्लाइट 2,297 रुपये और दून एक्सप्रेस में सेकेंड एसी का टिकट 1,225 रुपये का है। इसी प्रचार-प्रसार की कमी के चलते एयर इंडिया को जरूरत के मुताबिक पैसेंजर नहीं मिल पा रहे हैं।