प्रदेश को स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरोजनीनगर विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी को लखनऊ में एआई-आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव भेजा है।
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अपनी सिफारिश में उन्होंने कहा कि लखनऊ में 28 लाख से अधिक पंजीकृत वाहन हैं और 10 लाख के करीब वाहन प्रतिदिन प्रमुख चौराहों से गुजरते हैं। नीति आयोग के मुताबिक ट्रैफिक जाम से हर साल 7,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक की उत्पादकता का नुकसान हो रहा है। पीएम 2.5 स्तर में भी इजाफा हो रहा है। इससे सांस संबंधी बीमारियां और प्रदूषण बढ रहा है। विधायक ने अमेरिका के अलेक्ज़ेंड्रिया, बेंगलुरु, सूरत और नोएडा जैसे शहरों का हवाला देते हुए बताया कि एआई-सक्षम ट्रैफिक सिस्टम से यातायात समय में 15-25% की कमी, प्रति कॉरिडोर 10 मिनट तक की बचत और ईंधन की खपत में 20% की कमी हो सकती है।