अंशु ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं ईमानदार हूं। पांच सौ रुपये का हिसाब देने में अपनी गलती छिपाने के लिए मैंने झूठ बोला था। अब मैं मालिक की नजरों में गलत साबित हो चुका हूं। मैं बेईमानी और चोरी का धब्बा लेकर जीवित नहीं रह सकता....। पुलिस ने जब हॉल में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो उसमें अंशु रोते हुए एक कागज पर कुछ लिखता हुआ नजर आया। फिर वह दूसरे हॉल में गया और फंदा लगा लिया। पुलिस ने बताया कि हॉल किसी फंक्शन के समय ही खोला जाता था। वहां कैमरे काम नहीं कर रहे थे। पूछताछ में मनु ने बताया कि अंशु ने हिसाब के 500 रुपये चोरी किए थे। दूसरे कैशियर हेमंत ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी। इसपर उन्होंने अंशु से पूछताछ की और सुधरने की चेतावनी दी थी।