अभी तक आ रही खबरों के अनुसार बस में करीब अस्सी यात्री थे। मरने वालों में दो बच्चे, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल है। हादसे का समय सुबह पांच बजे के करीब का बताया जा रहा है। उस वक्त सभी लोग बस में सो रहे थे। एक पुरुष को छोड़कर बाकी यात्रियों की पहचान हो गई है।
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार आग लगने के बाद बस कुछ देर तक जलती हुई हालत में दौड़ती रही। ड्राइवर और कंडक्टर कांच तोड़कर निकल भागे। मुख्य गेट आग लगने की वजह से जाम हो गया। जो लोग दूसरे रास्तों से निकल पाए वो बच गए। सूचना के अनुसार हादसा पीजीआई कल्ली के पास से गुजर रहे किसान पथ पर हुआ। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। बस से निकले लोगों ने बताया कि बस रोकने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर, ड्राइवर की पास की खिड़की से कूदकर भाग गए।
हादसे के बाद सड़क पर बैठे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
प्राप्त सूचना के अनुसार मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि बस का इमरजेंसी गेट नहीं खुला इस वजह से पीछे बैठे लोग बस में फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि 1 किमी दूर तक आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। बस कुछ दूर तक जलने के बाद भी दौड़ती रही।
1.लख्खी देवी पत्नी अशोक मेहता उम्र करीब 55 साल
2.सोनी पुत्री अशोक महतो उम्र करीब 26 वर्ष
3.देवराज पुत्र रामलाल उम्र करीब 3 वर्ष
4.साक्षी कुमारी पुत्री रामलाल उम्र करीब 2 वर्ष
5.एक अज्ञात पुरुष
सवारी टुनटुन ने बताया कि चालक और परिचालक मना करने पर भी अतिरिक्त सवारी भर रहे थे। लोगों ने विरोध किया तो बस से उतारने की धमकी दी। दो लोगों की सीट पर चार लोगों को बिठा रहे थे। आग लगने पर चालक परिचालक भाग निकले। बस में धुआं भरने पर लोग खांसने लगे। नींद खुली तो देखा बस खड़ी है और हर तरफ धुंआ भरा है। इससे पहले की कुछ समझ पाते बस धूं-धूंकर जलने लगी। एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के मुताबिक चालक और परिचालक की तलाश की जा रही है। दो टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अग्निकांड में पांच लोगों की मौत की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को फौरन मौके पर जाने और राहत बचाव कार्य के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर मृतक आश्रितों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बस में करीब 70 से अधिक सवारी बैठी थी। आरोप है कि परिचालक ने नीचे भी कुछ लोगों को बैठा रखा था। आग लगने पर लोग जान बचाकर भागे, लेकिन उनलका सारा सामान जलकर राख हो गया। आग में झुलसे अफरोज ने बताया कि वह परिवार के साथ दिल्ली कमाने जा रहे थे। उनके साथ दोनों बेटे आसिफ और राशिद भी थे। दोनों आग से झुलस गए। सभी कुछ हासिल करने के लिए निकले थे, लेकिन आग में सबकुछ जलकर राख हो गया।