नोटिस के दो-तीन महीने बाद भी नहीं हटे निर्माण
दाउदनगर और फैजुल्लागंज उपकेंद्रों से निकलने वाली 11 हजार वोल्ट की लाइनों के आसपास करीब 150 परिवारों ने मकान बना रखे हैं। आरोप है कि कुछ मकान सरकारी जमीन पर भी बनाए गए हैं, जहां कथित तौर पर प्लॉटिंग कर जमीन बेची गई। बिजली विभाग के अनुसार, हाइटेंशन लाइन और खंभों के नजदीक निर्माण होने से लोगों की जान को खतरा है।
उपखंड अधिकारी अमन तिवारी की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। दो से तीन महीने बीतने के बाद भी न तो नोटिस का जवाब दिया गया और न ही लाइन के आसपास बने निर्माण हटाए गए। बिजली विभाग ने अवैध निर्माण के संबंध में मड़ियांव थाने को रिपोर्ट भी भेजी है।
नौ लोगों को नोटिस का रिमाइंडर
बिजली विभाग अब नोटिस का जवाब नहीं देने वाले लोगों को रिमाइंडर भेजने की तैयारी कर रहा है। इनमें रहीमनगर डुडौली निवासी सिराज अहमद, कंचन सिंह, लल्लन और नरेंद्र शर्मा; सिया विहार निवासी रोशन शर्मा; प्रीतिनगर निवासी सियाराम; नौबस्ता के गायत्रीनगर पुलिया निवासी बलराम; गौरभीट निवासी छोटेलाल और गायत्रीनगर निवासी उर्मिला पांडेय शामिल हैं। विभाग के मुताबिक, अगस्त से सितंबर के बीच पहले ही 65 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
दुर्घटना की आशंका को लेकर पुलिस को रिपोर्ट
महानगर के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि फैजुल्लागंज और दाउदनगर उपकेंद्रों के तहत बिजली के खंभों और हाइटेंशन लाइन से सटाकर मकान बनाने वाले लोगों को नोटिस का रिमाइंडर भेजा जा रहा है। इस संबंध में मड़ियांव थाने को भी रिपोर्ट भेजी गई है। रिपोर्ट में ऐसे घरों में रहने वाले लोगों के साथ दुर्घटना होने की आशंका जताई गई है।