डायरिया से जान गंवाने वाले राजेश कौशल (50) की डेथ ऑडिट रिपोर्ट पर परिजनों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया को छिपाने के लिए मनगढ़ंत रिपोर्ट बनाई है। पत्नी रानी व बेटे अमन का आरोप है कि राजेश को न शुगर था और न किडनी रोग। जबकि जांच रिपोर्ट में अनकंट्रोल शुगर व किडनी रोग समेत अन्य बीमारी दिखा दी गई। बलरामपुर अस्पताल में भी मरीज का इलाज सिर्फ डायरिया का चल रहा था।
डीएम-सीएमओ के मृतक के घर न जाने पर जताया आक्रोश
डीएम-सीएमओ करीब एक घंटे तक इलाके में रहे, मगर मृतक राजेश के घर झांकने तक नहीं गए। इसे लेकर भी परिजन आक्रोशित दिखे। बोले- डीएम व सीएमओ गली के मोड़ से ही लौट गए। परिजनों का हाल लेने तक नहीं आए। इस बीमार सिस्टम ने घर के इकलौते कमाने वाले मुखिया की जान ले ली। अब घर में कोई भी कमाने वाला तक नहीं है। पीड़ित परिवार किराये पर रहता है। ऐसे में किराया देना भी उनके लिए अब मुश्किल होगा।
डीएम बोले- हेल्पलाइन नंबर जारी करें
डीएम ने अफसरों को हेल्पलाइन नंबर जारी करने का निर्देश दिया। इसमें एक नंबर स्वास्थ्य विभाग के अफसर का और दूसरा नंबर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी का दर्ज कराने को कहा है। ये दोनों नंबर इलाके में चस्पा करने होंगे।