तीसरे सेमेस्टर में टीचिंग, चौथे में देना होगा इंटर्नशिप शुल्क
लविवि में एक महीने की ऊहापोह के बाद तय हुई बीएड की फीस
लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएड के फीस को लेकर एक महीने से चल रही ऊहापोह अब खत्म हो गई है। विवि प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तय किया कि विद्यार्थी दोनों सेमेस्टर के बीच का डिफरेंस देगा और उन्हें टीचिंग शुल्क 2000 रुपये तीसरे व इंटर्नशिप शुल्क 2000 रुपये चौथे सेमेस्टर में देना होगा।
विवि में इस समय सेमेस्टर सिस्टम और वार्षिक मोड दोनों तरह से कोर्सों की पढ़ाई चल रही है। इस क्रम में विवि प्रशासन ने पिछले सत्र में बीएड विद्यार्थियों से वार्षिक आधार पर शुल्क ले लिया। जबकि कोर्स सेमेस्टर सिस्टम पर चल रहा है। इसकी वजह से विद्यार्थियों ने न तो दूसरे सेमेस्टर की फीस जमा की न ही वह तीसरे सेमेस्टर में फीस जमा कर पाने के कारण प्रमोट हो पा रहे हैं। इसे लेकर प्रवेश समन्वयक व विभाग के बीच समन्वय नहीं बन पा रहा था। इसका एक कारण ट्रेनिंग व इंटर्नशिप शुल्क भी था।
इसके लिए प्रति कुलपति प्रो. राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में सभी संबंधितों की एक बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि विद्यार्थी पिछले सत्र का जो भी फीस का डिफरेंस होगा वह जमा करेंगे। अभी तक टीचिंग-इंटर्नशिप शुल्क हर सेमेस्टर में लेने का उल्लेख था। प्रो. सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ट्रेनिंग शुल्क 2000 रुपये तीसरे व इंटर्नशिप शुल्क 2000 रुपये चौथे सेमेस्टर में ही देना होगा। अगर विद्यार्थी समय से शुल्क नहीं जमा करते हैं तो फिर उनसे 2000 रुपये लेट फीस ली जा सकेगी। प्रवेश के समय विवि के बाहर के विद्यार्थी से 1000 रुपये इनरोलमेंट शुल्क भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी संबंधितों को इसकी जानकारी दे दी गई है। इसी आधार उनसे तीसरे सेमेस्टर का शुल्क जमा कर पढ़ाई शुरू कराने को कहा गया है।
दीक्षांत में नीति आयोग के उपाध्यक्ष को निमंत्रण
लविवि में 14 अक्तूबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। विवि प्रशासन ने जहां समारोह में दिए जाने वाले मेडल के लिए विद्यार्थियों की प्रस्तावित सूची जारी कर दी है। वहीं दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के लिए भी कई विशिष्ट जनों से संपर्क किया है। इस क्रम में विवि प्रशासन ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार से भी संपर्क किया है। वे विवि के पुराछात्र भी हैं। प्रति कुलपति प्रो. राजकुमार सिंह ने कहा कि अगर दीक्षांत के दिन उनकी कोई खास बैठक आदि न हुई तो उनका समय मिलने की पूरी संभावना है।