लखनऊ। राजधानी और आस-पास के जिलों के युवाओं में बाहर की कंपनियों में नौकरी करने को लेकर रुझान लगातार घटता जा रहा है। हालांकि, रोजगार मेलों में देश की कई बड़ी कंपनियों ने भाग लिया, लेकिन युवाओं ने रुचि नहीं दिखाई। वजह साफ है कम वेतन और कंपनी की कार्यस्थल से दूरी।
राजकीय आईटीआई, अलीगंज में 5 से 21 जून तक छह रोजगार मेले आयोजित हुए। इनमें उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा और तेलंगाना की प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। कुल 1440 रिक्त पदों के लिए युवाओं को आमंत्रित किया गया, लेकिन सिर्फ 525 युवा ही पहुंचे। इनमें से 327 युवाओं को चयनित किया गया।
आईटीआई के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव ने बताया कि छुट्टियों और बाहर की कंपनियों में रुचि की कमी, दोनों कारणों से भागीदारी कम रही। स्थानीय कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी अधिक देखी गई।
कम से कम 20 हजार रुपये तक मिले वेतन
सेवायोजन विभाग के सहायक निदेशक सूर्यकांत सिंह ने कहा कि युवाओं को पहली नौकरी में प्रशिक्षण के रूप में कम वेतन मिलता है। टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और हीरो होंडा जैसी कंपनियों में शुरुआती वेतन 15 हजार रुपये प्रति माह से अधिक नहीं है। आज की महंगाई को देखते हुए युवाओं को कम से कम 20 हजार रुपये की उम्मीद होती है। इसी कारण वे बाहर जाने की बजाय स्थानीय नौकरियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
जून महीने में लगे रोजगार मेलों की सि्थति एक नजर में
दिनांक कंपनी शहर पद पंजीकरण चयन
5 मारुति,हीरो गुजरात,राजस्थान 500 180 126
09 हीरो उत्तराखंड 300 175 124
11 एमआरएफ गुजरात, तेलंगाना 200 22 12
12 सैमसंग नोएडा 200 55 17
18 अद्विक कंपनी लखनऊ 40 65 27
21 टाटा मोटर्स उत्तराखंड 200 28 21
टाटा कंपनी में 21 युवाओं को मिली नौकरी
अलीगंज स्थित राजकीय आईटीआई परिसर में शनिवार को टाटा मोटर्स कंपनी की ओर से रोजगार मेला लगाया गया। उत्तराखंड के पंतनगर प्लांट के लिए अप्रेंटिसशिप के 200 पदों पर युवाओं का साक्षात्कार लिया गया। प्लेसमेंट अधिकारी एमए खान ने बताया कि 28 प्रशिक्षार्थियों ने पंजीकरण किया। इसमें साक्षात्कार के बाद 21 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। कंपनी की ओर से 14 हजार रुपये महीने तक वेतन, दोपहर का खाना, रूम से कंपनी तक बस सेवा व मेडिकल की सुविधा दी जाएगी।