समय से पहले ही बढ़ी ठंड ने दीपावली पर मां लक्ष्मी की आराधना के लिये कमल को लोगों की पहुंच से बाहर किया है।
दीपावली पर कम आवक के साथ भारी डिमांड होने केचलते रविवार को कमल का फूल खरीदने के लिये लोगों को 120 से 150 रुपये तक की कीमत चुकानी पड़ी।
बावजूद इसके कमल केफूल की डिमांड इतनी रही कि शाम तक शहर की बाजारों से कमल के फूल ‘आउट आफ स्टाक’ हो गये।
पाश इलाकों में तो लोगों को एक कमल फूल के लिये 200 रुपये तक चुकाने पड़े। दीपावली पर मां लक्ष्मी के पूजन के लिये चढ़ाये जाने वाले कमल पुष्प की रविवार को खूब मांग रही।
कमल की कली ने लगाया सैकड़ा
थोक मंडी में कम आवक के चलते महंगे हुये कमल पुष्प को खरीदने के लिये लोगों ने 120 रुपये से लेकर 150 रुपये तक के दाम चुकाये। निशातगंज, डालीगंज, चौक, डंडइया, महानगर, गोमतीनगर, इंदिरानगर की मार्केटों में लोगों को एक कमल पुष्प 100 रुपये में तो ढूंढ़े से भी नहीं मिला।
हनुमान सेतु मंदिर के पास के कारोबारी कल्लू ने बताया कि चौक की थोक मंडी में रविवार को कमल का फूल बहुत ही कम मात्रा में आया। मांग के चलते जबरदस्त उठान रही।
थोक में भी एक पीस 50 से 70 रुपये के बीच पड़ा। सुबह मंडी से सैकड़ों की संख्या में फूल खरीदने वाले दुकानदारों में महज दर्जनों की संख्या में माल उठाया।
महानगर स्थित दुकानदार ने दिन में फूल 120 रुपये से 150 प्रति पीस केदाम में बेचे। कोकाबेली को खरीदने के लिये भी लोगों को एक पीस के दाम 15 से 25 रुपये तक चुकाने पड़े। सिंघाड़ के अलावा मां लक्ष्मी को प्रिय श्रीफल भी धड़ाधड़ बिका।
ठंड से गया कमल, अलैय्या-बलैय्या हुई महंगी
बीकेटी के थोक कारोबारी गिरिजादीन ने बताया कि ठंड जल्द होने से पैदावार पर असर पड़ने से ही माल इस बार कम उतरा। जिस तालाब में 4-5 हजार फूल उतरते थे, इस बार वहां से सैकड़ों की संख्या में ही फूल मिले। इसी कारण ये मंडी में कम पहुंचा और जबरदस्त डिमांड मं रहा।
यही हाल अलैय्या-बलैय्या का रहा। खरीददारों ने 15 रुपये जोड़ी से लेकर 20 रुपये जोड़ी तक की कीमत वसूली।