पांचवें चरण में करण भूषण सिंह, श्रेया वर्मा और पुष्पेंद्र सरोज समेत कई युवा प्रत्याशी मैदान में हैं। राजनीति की पहली परीक्षा में उनकी आंसर शीट भी सोमवार को ईवीएम में कैद हो जाएगी। कैसरगंज में 2014 और 2019 के चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह जीते थे, लेकिन इस बार भाजपा ने उनके बेटे करणभूषण सिंह पर दांव लगाया है। करणभूषण का यह पहला चुनाव है।
गोंडा से सपा प्रत्याशी श्रेया वर्मा भी पहली बार मैदान में हैं। वे पूर्व मंत्री स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा की पौत्री हैं। कौशांबी से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पुष्पेंद्र सरोज भी पहली बार मैदान में है। पुष्पेंद्र, पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के बेटे हैं। ये सभी मुख्य लड़ाई में हैं।
बाराबंकी से इंडिया गठबंधन के बैनर तले कांग्रेस ने युवा चेहरे तनुज पुनिया पर दांव लगाया है। अच्छी टक्कर दे रहे हैं। वहीं, बांदा से बसपा ने युवा प्रत्याशी मयंक द्विवेदी को उतारकर मुकाबले को रोचक बनाने का प्रयास किया है।
अब यह तो सोमवार को ही सामने आएगा कि उनके हाथी की चाल कैसी रहती है। हमीरपुर में सपा प्रत्याशी अजेंद्र सिंह राजपूत में कितना दमखम है, यह भी मतदाता सोमवार को बता देंगे।