लखनऊ। कानपुर रोड स्थित लोकबंधु अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु के फर्श पर गिरने और उसकी मौत के मामले में तीन स्तर पर जांच शुरू हो गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने मंगलवार को घटना के समय ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के अलग-अलग बयान दर्ज किए।
इसके साथ ही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक अन्य टीम मौत के कारणों का विश्लेषण कर रही है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिवार कल्याण महानिदेशालय की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य निदेशक डॉ. स्वदेश कुमारी ने भी अस्पताल पहुंचकर हकीकत का जायजा लिया।
अस्पताल प्रशासन की तीन सदस्यीय समिति ने मंगलवार को ड्यूटी पर मौजूद तीन महिला डॉक्टरों से पूछताछ की। इसके अतिरिक्त लेबर रूम में तैनात स्टाफ नर्स, वार्ड आया और अन्य कर्मचारियों के बयान भी कलमबद्ध किए। समिति मुख्य रूप से यह पड़ताल कर रही है कि प्रसव के समय लेबर रूम की परिस्थितियां क्या थीं, किसकी क्या जिम्मेदारी तय थी और क्या प्रसव के लिए निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था। समिति ने साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पीड़ित मरीज की केस शीट, इलाज के रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर और प्रसव से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि परिजनों की शिकायत और अस्पताल कर्मियों के बयानों का मिलान किया जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का वैज्ञानिक विश्लेषण और महानिदेशक का निरीक्षण
दूसरी ओर, नवजात के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक अलग टीम तकनीकी अध्ययन कर रही है। इसमें इस बात का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है कि शिशु की मौत का वास्तविक कारण क्या था और क्या फर्श पर गिरने से आई चोटों का मौत से सीधा संबंध है। विशेषज्ञों की यह रिपोर्ट मुख्य जांच का हिस्सा बनाई जाएगी।
वहीं, परिवार कल्याण महानिदेशालय की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य निदेशक डॉ. स्वदेश कुमारी ने लेबर रूम का निरीक्षण किया, इलाज से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की और अस्पताल के उच्च अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी। कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि तीनों स्तर की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर डॉक्टर, नर्स या अन्य कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है, तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Iघटना बेहद गंभीर है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक प्रकरण की जांच करेंगे। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 24 घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। गर्भवतियों व प्रसूताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का स्थान नहीं है। उक्त प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।I
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- ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएमI