नए लोकायुक्त के चयन को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में चयन समिति की पांच घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। बैठक में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन सकी। लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अल्टीमेटम का बुधवार को आखिरी दिन है।
सुबह चयन समिति की फिर बैठक होगी। इसके चलते बुधवार सुबह प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी गई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद लोकायुक्त के चयन को लेकर एकाएक गतिविधियां तेज हो गईं।
आनन-फानन में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ को संदेश भेजकर चयन समिति की बैठक के लिए वक्त मुकर्रर करने का अनुरोध किया गया।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई थी खास बैठक
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार पर इस कदर दबाव बढ़ा कि मंगलवार सुबह नामों के पैनल के साथ प्रमुख सचिव न्याय व विधि परामर्शी को इलाहाबाद भेजा गया।
सरकार ने चीफ जस्टिस से पैनल के किसी नाम पर सहमति देने या शाम को चयन समिति की बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया था। चीफ जस्टिस ने किसी नाम पर सहमति देने के बजाय बैठक में शामिल होने का फैसला किया।
शाम छह बजे मुख्यमंत्री आवास पर चयन समिति की बैठक तय करके इसकी सूचना समिति के सदस्य नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को दी गई। शाम छह बजे मुख्यमंत्री आवास पर चयन समिति की बैठक शुरू हुई जिसमें चीफ जस्टिस, नेता प्रतिपक्ष व मुख्य सचिव भी थे।
रात 11 बजे तक चली बैठक में कोई फैसला न हो पाने की वजह से बुधवार सुबह 9.30 बजे फिर चयन समिति की बैठक बुलाने का निर्णय हुआ।
बैठक पर लगी रहीं राजभवन की निगाहें
लोकायुक्त चयन के लिए चयन समिति की बैठक पर राजभवन की भी निगाहें लगी रहीं। समिति की सिफारिश भेजे जाने की संभावना के मद्देनजर राज्यपाल राम नाईक ने अपने अफसरों व जरूरी स्टाफ को रात तक राजभवन में रोके रखा। देर रात जानकारी दी गई कि कोई नाम तय नहीं हो सका, तो अधिकारी राजभवन से गए।
लोकायुक्त पद के लिए बैठक में 2011 के बाद सेवानिवृत्त हुए न्यायाधीशों के नाम पर चर्चा हुई।
चर्चा में खास नाम ये रहे
जस्टिस वीरेंद्र सिंह यादव, जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा, जस्टिस अब्दुल मतीन, जस्टिस जकी उल्ला, जस्टिस संजय मिश्रा, जस्टिस विष्णु सहाय जस्टिस हेत सिंह यादव लोकायुक्त चयन समिति के सदस्य इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़, सीएम अखिलेश यादव, नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य