सातवें चरण में महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर व राबर्ट्सगंज में 19 मई को मतदान होगा। इन 13 सीटों में पिछली बार 12 सीटों पर भाजपा व एक पर उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल ने चुनाव जीता था।
सपा, बसपा व कांग्रेस का खाता नहीं खुल सका था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस्तीफा देने से खाली हुई गोरखपुर लोकसभा सीट सपा ने भाजपा से छीन ली थी। इसी जीत ने प्रदेश में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की नींव डाली।
आखिरी चरण में पीएम मोदी के अलावा दो केंद्रीय मंत्रियों मनोज सिन्हा और अनुप्रिया पटेल के भी भाग्य का फैसला होना है। मनोज सिन्हा वाराणसी से सटी गाजीपुर व अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
वाराणसी व चंदौली जिले को मिलाकर बने चंदौली से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय मैदान में है। ये सभी 2014 में भी चुने गए थे। गोरखपुर में भोजपुरी स्टार रवि किशन, देवरिया में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी लड़ रहे हैं।
रमापति के बेटे शरद त्रिपाठी 2014 में संत कबीरनगर से सांसद चुने गए थे। एक विधायक को जूते मारने के बाद उनका टिकट काट दिया। संत कबीरनगर से भाजपा ने गोरखपुर उपचुनाव में सपा के सांसद चुने गए प्रवीण निषाद को उम्मीदवार बनाया है। कुशीनगर में पूर्व मंत्री आरपीएन सिंह मैदान में हैं।