आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि चुनाव जीतने पर वह लखनऊ की दशा सुधारेंगे। सड़कों, सीवर लाइन व कूड़ा निस्तारण पर विशेष ध्यान देंगे। चिकित्सा सुविधाओं में सुधार लाएंगे। बिजली के खुले तार हटाएंगे। जाम की समस्या से स्थायी निजात दिलाने का प्रबंध करेंगे।
उन्होंने राजनाथ सिंह पर लखनऊ का विकास न कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी कहीं नहीं दिखता। प्रदूषण चरम पर है। आम उत्पादन का हब है, लेकिन यहां कोल्ड स्टोरेज की चेन की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया।
60 फीसदी लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है। उद्योग खत्म हो गए। प्रोत्साहन के अभाव में जरी-जरदोजी और चिकन का काम भी दम तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा राजधानी की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि उनसे लखनऊ की रॉयल फैमिलीज (नवाब खानदान) का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। राजनाथ सिंह ने नवाब खानदान के इन लोगों से पेंशन दिलवाने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने पर इस वादे को भूल गए। हम सत्ता में आए तो उनकी समस्या को हल कराएंगे।
यह पूछे जाने पर कि राजा-रजवाड़ों के लिए प्रिवी पर्स (पेंशन) की व्यवस्था सत्तर के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ही समाप्त की थी, कृष्णम ने कहा कि तब असमानता खत्म करने के लिए यह आवश्यक था। आज इन लोगों की भी बात सुनी जानी चाहिए।