कैसरगंज लोकसभा सीट से सपा बसपा महागठबंधन के प्रत्याशी चंद्रदेव राम यादव के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने पहुंचीं बसपा सुप्रीमो ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की जमकर आलोचना की। कहा कि बाबा साहेब ने संविधान में कमजोर तबके के लोगों को जो अधिकार दिया था उसका लाभ उन्हें नही मिला।
भाजपा ने अच्छे दिन के वादों का एक चौथाई काम भी पूरा नहीं किया। उसने पूंजीपतियों को मालामाल बनाने व उन्हें बचाने में पूरी ताकत लगी दी। आवारा पशुओं ने किसानो को बर्बाद कर दी। पिछड़े दलित, मुस्लिम का कोई विकास नहीं हुआ।
भाजपा ने नोटबंदी व जीएसटी जल्दबाजी में लागू की। व्यापारी व मध्यम वर्ग दुखी है। भ्रष्टाचार से रक्षा सौदा भी अछूता नहीं रह गया है। देश की सीमा सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन आतंकी हमले होते रहते हैं। मसूद अजहर के मामले मे पिछले पांच साल तक खामोश बने रहे।
चुनाव के समय मे दादागीरी और बहादुरी दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे लोगों का ध्यान बांटा जा सके। कांग्रेस के शासन में रोजी-रोटी के लिए पलायन हुआ। बसपा सुप्रीमो ने पदोन्नति में आरक्षण को प्रभावहीन बताते हुए प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण की मांग की।
कटरा बाजार की रैली में मायावती ने बाबा साहब पर की गई मोदी की टिप्पणी का जवाब दिया। कहा मोदी ने आंबेडकर को लेकर जो टिप्पणी की है वह सिर्फ वोट की राजनीति है। जबकि बीएसपी के लिए बाबा साहेब अंबेडकर आत्मा के समान है।
बसपा राम नाम जपना जनता को ठगना वाली राजनीति नही करती है। बीएसपी का जन्म ही बाबा साहेब के सपने को पूरा करने के लिए हुआ है। भाजपा व कांग्रेस आंबेडकरवादी बनने की कोशिश न करें।
भाजपा व कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे
बीजेपी व कांग्रेस मिलकर गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस ने बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए ही उम्मीदवार उतारा है। दबे कुचले लोगों को सत्ता से दूर रखना ही इनका मकसद है। दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। एकजुट होकर ही बीजेपी को हराया जा सकता है।
बसपा सुप्रीमो ने मुलायम के नरेंद्र मोदी को फिर प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद देने पर भी सफाई दी। कहा कि मुलायम सिंह यादव कहना कुछ और चाहते थे। लेकिन पक्की उम्र के कारण ऐसा हो गया। मायावती ने राहुल के मोदी से गले लगने पर सवाल उठाया। कहा कि राहुल तो युवा हैं उन्होंने संसद में न सिर्फ मोदी को गले लगाया बल्कि आंख भी मारी।
जीतने पर गरीब परिवारों को स्थायी रोजगार
बसपा प्रमुख मायावती मे कहा कि बसपा चुनाव घोषणा पत्र जारी नहीं करती। बीजेपी ने रोजगार और 15 लाख का वादा भी पूरा नहीं किया। छह हजार देने से गरीबी दूर नहीं होगी। केंद्र मे सरकार बनाने का मौका मिला तो अति गरीब परिवार को सरकारी व गैरसरकारी संस्थान में स्थायी रोजगार देंगे।