इसके बाद से तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहीं गोंडा व कैसरगंज सीट की सपा-बसपा में अदला-बदली की चर्चा सरगर्म है तो कहीं अदला-बदली की जगह बसपा से बड़े कद के ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने के दावे हैं।
मगर, 20 दिन बीतने के बाद भी स्थिति स्पष्ट न होने से गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। एक ओर भाजपा ने मौजूदा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को फिर से प्रत्याशी बना दिया है। भाजपा की चुनावी गतिविधि पूरी रवानी से चल रही है। दूसरी ओर गठबंधन के प्रत्याशी का अता-पता नहीं है।
सूत्रों का दावा है कि बसपा के बड़े ब्राह्मण चेहरे के चुनाव लड़ने में रुचि न दिखाने के बाद पार्टी ने आजमगढ़ से ताल्लुक रखने वाले एक पूर्व मंत्री को कैसरगंज से उतारने का मन बनाया है। ऐसा हुआ तो यह भाजपा के लिए किसी राहत से कम नहीं होगा।
कैसरगंज
भाजपा--3,81,500
सपा--3,03,282
बसपा--1,46,726
कैसरगंज में वोटों का अनुमानित समीकरण
कुल मतदाता--17.90 लाख
ब्राह्मण--4.25 लाख
अनुसूचित जाति--3.02 लाख
मुस्लिम--2.25 लाख
यादव--2 लाख
ठाकुर--1.40 लाख