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यूपी: कैसरगंज सीट पर असमंजस में बसपा, भाजपा को मिल सकता है वॉकओवर

Mon, 08 Apr 2019 02:25 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा सुप्रीमो मायावती व अमित शाह। - फोटो : amar ujala
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अवध की कैसरगंज सीट के बसपा प्रभारी को पार्टी विरोधी गतिविधि में निकाले गए 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं,  लेकिन पार्टी नए प्रभारी की तलाश नहीं कर पाई है। अब वहां से किसी बाहरी को प्रत्याशी बनाने की तैयारी है। ऐसा हुआ तो वहां के स्थानीय भाजपा प्रत्याशी के लिए वॉकओवर तय माना जा रहा है।

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पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कैसरगंज व गोंडा दोनों लोकसभा सीटें जीती थीं। दोनों ही जगह सपा प्रत्याशी दूसरे और बसपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर थे। हालांकि सपा ने कैसरगंज में भाजपा को अच्छी टक्कर दी थी। माना जा रहा था कि गठबंधन के बाद कैसरगंज सीट सपा और गोंडा सीट बसपा के हिस्से में जाएगी जिससे भाजपा को तगड़ी चुनौती मिलेगी, मगर हुआ उल्टा। गोंडा सीट सपा और कैसरगंज बसपा को मिल गई।

सपा ने पिछले चुनाव में कैसरगंज से प्रत्याशी रहे पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह को गोंडा से प्रत्याशी बना दिया। बसपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में करनैलगंज से प्रत्याशी रहे संतोष तिवारी को कैसरगंज का प्रभारी बनाने का एलान किया।
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मगर, सीट वितरण की उलटबांसी का साइड इफेक्ट तत्काल आना शुरू हो गया। कुछ ही दिन में यह बात गोंडा से लखनऊ तक फैल गई कि बसपा ने जिसे कैसरगंज का प्रभारी बनाया है, उसकी स्थानीय स्तर पर भाजपा के लोगों से साठगांठ है। इस पर बसपा ने बिना देर किए 17 मार्च को प्रभारी को पार्टी से निकाल दिया।

20 दिन बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं

इसके बाद से तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहीं गोंडा व कैसरगंज सीट की सपा-बसपा में अदला-बदली की चर्चा सरगर्म है तो कहीं अदला-बदली की जगह बसपा से बड़े कद के ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने के दावे हैं।

मगर, 20 दिन बीतने के बाद भी स्थिति स्पष्ट न होने से गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। एक ओर भाजपा ने मौजूदा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को फिर से प्रत्याशी बना दिया है। भाजपा की चुनावी गतिविधि पूरी रवानी से चल रही है। दूसरी ओर गठबंधन के प्रत्याशी का अता-पता नहीं है।

सूत्रों का दावा है कि बसपा के बड़े ब्राह्मण चेहरे के चुनाव लड़ने में रुचि न दिखाने के बाद पार्टी ने आजमगढ़ से ताल्लुक रखने वाले एक पूर्व मंत्री को कैसरगंज से उतारने का मन बनाया है। ऐसा हुआ तो यह भाजपा के लिए किसी राहत से कम नहीं होगा।
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2014 के नतीजे

कैसरगंज
भाजपा--3,81,500
सपा--3,03,282
बसपा--1,46,726

कैसरगंज में वोटों का अनुमानित समीकरण
कुल मतदाता--17.90 लाख
ब्राह्मण--4.25 लाख
अनुसूचित जाति--3.02 लाख

मुस्लिम--2.25 लाख
यादव--2 लाख
ठाकुर--1.40 लाख
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