अखिलेश यादव, मायावती व अमित शाह।
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लोकसभा चुनाव के आखिरी दो चरणों में 16 पर बसपा और 11 सीटों पर सपा उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। गठबंधन नेता संयुक्त रैलियां कर प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
छठे चरण में 14 सीटों पर 12 मई और 13 सीटों पर 19 मई को मतदान होना है। किसी जमाने में इन 27 सीटों से जुड़ा क्षेत्र सपा और बसपा के लिए राजनीतिक उर्वरक के तौर पर रहा है।
2014 के चुनाव में आजमगढ़ छोड़कर शेष सभी सीटें भाजपा के खाते में चली गई थीं। इस बार छठे चरण में बसपा 11 और सपा तीन सीटों पर जबकि सातवें में सपा आठ और बसपा प्रत्याशी पांच सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
भले ही किसी चरण में गठबंधन का कोई दल ज्यादा सीटों पर लड़ रहा हो लेकिन चुनाव अभियान पर इसका असर नहीं है।