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यूपी की इन 11 सीटों पर न हाथी तोड़ पाया घेराबंदी, न साइकिल ही चली, ये रहा अब तक का रिकॉर्ड

Sat, 13 Apr 2019 03:53 PM IST
ishwar ashish महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव व मायावती - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 11 सीटों की घेराबंदी को दो दशक से न तो बसपा का हाथी तोड़ पा रहा है और न यहां साइकिल ही चल पा रही है। पिछले दो दशक से ये 11 सीटें दोनों दलों के लिए दुर्ग बनी हुई हैं। सपा व बसपा 1999 के बाद कभी इन सीटों को जीत नहीं पाई हैं।

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बसपा ने मौजूदा लोकसभा चुनाव में इन 11 सीटों पर चुनाव लड़ने से ही दूरी बना ली है। गठबंधन में इन सीटों में सात सपा के खाते में डाल दी। दो सीटें रालोद के लिए छोड़ दी जबकि रायबरेली व अमेठी को सियासी सद्भावना जताते हुए गठबंधन ने ही कांग्रेस के लिए छोड़ दिया।

इन 11 सीटों में से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, हाथरस, पीलीभीत, बरेली और कुशीनगर में सपा चुनाव लड़ रही है। मथुरा व बागपत गठबंधन के सहयोगी रालोद के लिए तथा रायबरेली व अमेठी क्रमश: यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए छोड़ दी गई है। जाहिर है, इन चार सीटों पर दो दशक से सपा का खाता न खुलने का रिकॉर्ड इस बार भी बना रहेगा।

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बदले समीकरण में भी बड़ी चुनौती

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
सपा बदले समीकरण के साथ इन सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पिछले चुनावों में जहां बसपा उसके खिलाफ होती थी, वहीं इस बार गठबंधन के नाते उसकी ताकत भी साथ है। पर, लखनऊ में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पार्टी अभी तक प्रत्याशी फाइनल नहीं कर पाई है।

कानपुर और कुशीनगर में कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री क्रमश: श्रीप्रकाश जायसवाल और आरपीएन सिंह की वजह से त्रिकोणीय लड़ाई बनी हुई है। हाथरस, पीलीभीत और बरेली में भी सपा त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी है।

इन सीटों पर सपा-बसपा की डगर पथरीली        
लखनऊ
1999--अटल बिहारी वाजपेयी (भाजपा)    
2004--अटल बिहारी वाजपेयी (भाजपा)        
2009--लालजी टंडन (भाजपा)
2014--राजनाथ सिंह (भाजपा)

कानपुर
1999--श्रीप्रकाश जायसवाल (कांग्रेस)    
2004--श्रीप्रकाश जायसवाल (कांग्रेस)
2009--श्रीप्रकाश जयसवाल (कांग्रेस)
2014--डॉ. मुरली मनोहर जोशी (भाजपा)

इन सीटों पर इन्होंने हासिल की जीत

बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
वाराणसी
1999--शंकर प्रसाद जायसवाल (भाजपा)
2004--राजेश कुमार मिश्रा (कांग्रेस)    
2009--डॉ. मुरली मनोहर जोशी (भाजपा)    
2014--नरेंद्र मोदी (भाजपा)

रायबरेली
1999--कैप्टन सतीश शर्मा (कांग्रेस)
2004--सोनिया गांधी (कांग्रेस)
2009--सोनिया गांधी (कांग्रेस)
2014--सोनिया गांधी (कांग्रेस)

अमेठी    
1999--सोनिया गांधी (कांग्रेस)
2004--राहुल गांधी (कांग्रेस)
2009--राहुल गांधी (कांग्रेस)
2014--राहुल गांधी (कांग्रेस)

बागपत, हाथरस व मथुरा में ये प्रत्याशी बने विजेता

- फोटो : amar ujala
बागपत    
1999--अजित सिंह (रालोद)
2004--अजित सिंह (रालोद)
2009--अजित सिंह (रालोद)
2014--डॉ. सत्यपाल सिंह (भाजपा)

हाथरस    
1999--किशन लाल दिलेर (भाजपा)
2004--किशन लाल दिलेर (भाजपा)    
2009--सारिका सिंह (रालोद)
2014--राजेश कुमार दिवाकर (भाजपा)
 
मथुरा
1999--चौधरी तेजवीर सिंह (भाजपा)    
2004--मानवेंद्र सिंह (कांग्रेस)    
2009--जयंत चौधरी (रालोद)
2014--हेमामालिनी (भाजपा)
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इन सीटों पर इन्होंने फहराया परचम

भाजपा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
पीलीभीत
1999--मेनका गांधी (भाजपा)        
2004--मेनका गांधी (भाजपा)        
2009--वरुण गांधी (भाजपा)            
2014--मेनका गांधी (भाजपा)        
 
बरेली    
1999--संतोष गंगवार (भाजपा)        
2004--संतोष गंगवार (भाजपा)        
2009--प्रवीन सिंह ऐरन (कांग्रेस)        
2014--संतोष गंगवार (भाजपा)        
 
कुशीनगर
1999--रामनगीना मिश्रा (भाजपा)        
2004--बालेश्वर यादव (सीट का पूर्व नाम पडरौना)-एनएलपी
2009--कुंवर आरपीएन सिंह (कांग्रेस)
2014--राजेश पांडेय (भाजपा)
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