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UP: बाबा की हार का बदला लेने के लिए श्रेया चुनावी मैदान में... बेनी प्रसाद की पोती को सपा ने यहां से दिया टिकट

Tue, 23 Apr 2024 01:51 PM IST
शाहरुख खान महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा की पोती श्रेया वर्मा को समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया है। वो  बाबा की हार का बदला लेने के लिए चुनावी मैदान में उतरी हैं। बेनी प्रसाद वर्मा की पोती स्कूली शिक्षा दून से और डीयू से इकनॉमिक्स ऑनर्स हैं।
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Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा की पोती श्रेया वर्मा आजकल सुर्खियों में हैं। वह सिर्फ इसलिए चर्चा में नहीं हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने 35 साल से भी कम उम्र के जिन युवाओं को मौका दिया है, उनमें वह शामिल हैं, बल्कि इसलिए कि उन्हें गोंडा जैसी चुनौतीपूर्ण सीट से प्रत्याशी बनाया है।
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गोंडा के पड़ोसी जिले बाराबंकी की रहने वाली श्रेया ने स्कूली पढ़ाई वेल्हम गर्ल्स स्कूल देहरादून से और दिल्ली के रामजस कॉलेज से इकनाॅमिक्स में ऑनर्स किया है। कॉलेज की शिक्षा अपने बाबा बेनी प्रसाद वर्मा के साथ तब रहकर पूरी की, जब वे सांसद और केंद्रीय मंत्री थे। 

श्रेया के पिता राकेश वर्मा भी विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं। श्रेया बताती हैं कि दिल्ली में बाबा के साथ होने की वजह से उन्हें सियासी संस्कार और समाजवादी विचार मिला। श्रेया ने इसके पहले कोई चुनाव तो नहीं लड़ा, लेकिन कॉलेज से निकलते ही सामाजिक सरोकारों से वह जुड़ गई थीं। 
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एक एनजीओ के साथ जुड़कर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सुधार की मुहिम का हिस्सा बनीं तो घर लौटते ही सियासत में रम गईं।

पहला चुनाव, लेकिन चुनाव लड़ाने का पूरा अनुभव
करीब चार साल पहले समाजवादी पार्टी में श्रेया की एंट्री  ही महिला सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से हुई। 2022 का विधानसभा चुनाव आया तो बाराबंकी में न सिर्फ अपने पिता राकेश वर्मा के चुनाव की कमान संभाली, बल्कि इसी संगठन के  बैनर तले पूरे प्रदेश में काम किया। राकेश वर्मा महज 217 वोटों के अंतर से हार गए थे।

 

बड़ी राजनीतिक पृष्ठभूमि
बेनी प्रसाद वर्मा ने 2014 में अपना आखिरी चुनाव कांग्रेस पार्टी से गोंडा से ही लड़ा था, लेकिन हार गए। इससे पहले 2009 में वह गोंडा से सांसद का चुनाव कांग्रेस से जीते और केंद्रीय मंत्री बने थे। 2014 की हार भी आज के मौजूदा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह से हुई थी, जिन्हें भाजपा ने फिर से प्रत्याशी बनाया है।
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श्रेया गोंडा में यदि चुनाव जीतती हैं, तो वह बाबा की हार का बदला होगा। बेनी प्रसाद वर्मा बगल की कैसरगंज सीट से भी चार बार सपा के सांसद रहे हैं। बाराबंकी से कई बार विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रहे। वह एक जमाने में मुलायम सिंह यादव के बाद पार्टी में नंबर दो माने जाने लगे थे। कुर्मी समाज के वह बड़े नेता थे।
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