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गेस्ट हाउस कांड के बाद पहली बार मंच पर एक साथ होंगे सपा-बसपा नेता, आज गवाह बनेगा देवबंद

Sun, 07 Apr 2019 11:01 AM IST
रचना शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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अखिलेश यादव, मायावती और अजित सिंह
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बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा मुखिया अखिलेश यादव और रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह रविवार को पहली बार चुनावी मंच साझा करेंगे। ये सभी सहारनपुर के देवबंद से चुनावी अभियान का आगाज करेंगे। देवबंद इस्लामिक शिक्षा का बड़ा केंद्र माना जाता है।
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बताते चलें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने सहारनपुर के प्रसिद्ध शाकुंभरी देवी मंदिर से पूजन-अर्चन कर चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। यह मंदिर हिंदुओं के बीच आस्था का बड़ा केंद्र है। सपा-बसपा-रालोद गठबंधन का नवरात्र के दूसरे दिन सहारनपुर से ही चुनाव अभियान शुरू करने का फैसला इसका जवाब माना जा रहा है। 

             
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हालांकि देवबंद में जनसभा सहारनपुर लोकसभा सीट पर मुस्लिमों की बड़ी तादाद और मुस्लिम मतों के बंटवारे की आशंका के लिहाज से अहम मानी जा रही है। सहारनपुर सीट पर फजलुर्रहमान बसपा व गठबंधन के प्रत्याशी हैं। यहां कांग्रेस के इमरान मसूद तगड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। इमरान को पिछले चुनाव में 4.07 लाख वोट मिले थे। वहीं, भाजपा के राघव लखनपाल फिर से मैदान में हैं।
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गेस्ट हाउस कांड के बाद पहली बार चुनावी मंच पर एक साथ होंगे सपा-बसपा नेता

1995 के गेस्ट हाउस कांड के बाद अलग हुए सपा और बसपा के रिश्ते हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में तेजी से क्षीण होती राजनीतिक हैसियत ने दोनों ही दलों को एक साथ आने को मजबूर किया और इसी साल 12 जनवरी को गठबंधन कर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। 

तब अखिलेश यादव व मायावती ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। मगर, अभी तक ये दोनों नेता कभी भी किसी जनसभा के मंच पर एक साथ नहीं आए हैं। सहारनपुर का चुनावी समर इसका सबसे पहले गवाह बनेगा।

पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में प्रभाव रखने वाला रालोद भी गठबंधन का हिस्सा है। मुस्लिम, जाटव और जाट समीकरण पर फोकस कर बनाए गए इस गठबंधन को पश्चिमी यूपी से बड़ी उम्मीदें हैं।
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