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अमेठी में जीत के बाद कालिकन धाम पहुंचीं स्मृति ईरानी, किया ट्वीट, सोशल मीडिया ने बांधे तारीफ के पुल

Thu, 23 May 2019 09:58 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला अमेठी
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स्मृति ईरानी - फोटो : अमर उजला
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राहुल गांधी के खिलाफ निर्णायक बढ़त मिलने के बाद स्मृति ईरानी अमेठी पहुंच गईं। उन्होंने प्रशासन की ओर से अधिकृत परिणाम की घोषणा का इंतजार भी नहीं किया। अमेठी में स्मृति राजेश अग्रहरि के घर पर रुकीं जहां उनके परिवार ने भाजपा नेता का स्वागत किया। यहां से निकल स्मृति ईरानी संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम पहुंचीं और मंदिर के गर्भगृह में जाकर माथा टेक पुजारी से आशीर्वाद लिया। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्मृति को जीत की बधाई दी।

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जीत के बाद किया ट्वीट
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उन्हीं के गढ़ अमेठी में परास्त करने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट किया। स्मृति ने लिखा कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता...। उनके इस ट्वीट पर कई लोगों ने रीट्विीट कर उन्हें बधाई दी। एक ने कहा कि हो सकता है मैडम बिल्कुल हो सकता है ..बस आप की तरह कोई कड़ी मेहनत और लगन वाला हो।

सोशल मीडिया पर भी ढेरों पोस्ट

स्मृति की बढ़त के साथ ही सोशल मीडिया फेसबुक व वाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट डालने का शुरू हुआ सिलसिला देर रात तक चलता रहा। सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट में स्मृति की तारीफ के पुल बांधे गए तो कांग्रेस अध्यक्ष पर जमकर प्रहार भी किए गए। हालांकि कई लोगों ने अपनी पोस्ट के माध्यम से हार के लिए राहुल से ज्यादा स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार ठहराया।

 2014 का चुनाव हारने के बावजूद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की अमेठी में सक्रियता आखिर रंग लाई। उन्होंने अमेठी में कांग्रेस का विजय रथ रोक दिया। अपने राजनीतिक कौशल से उन्होंने न केवल राहुल गांधी की नाकामियों को उजागर किया बल्कि अपने कार्यों की फेहरिस्त गिनाकर कांग्रेस विरोधी माहौल बनाने में कामयाब रहीं।

1980 के लोकसभा चुनाव में संजय गांधी की जीत के बाद शुरू हुआ कांग्रेस की जीत का सिलसिला अपवाद स्वरूप केवल एक बार 1998 में टूटा था। उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह ने गांधी फैमिली के करीबियों में शुमार पूर्व मंत्री कैप्टन सतीश शर्मा को हराया था। 

उसके बाद हुए कुल चार चुनावों में एक में सोनिया गांधी और तीन में राहुल गांधी को जीत मिली। कांग्रेस के इस विजय रथ को एक बार फिर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रोक दिया है। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को अमेठी से राहुल गांधी के मुकाबले चुनाव मैदान में उतारा था। 

उस चुनाव में उन्हें शिकस्त मिली लेकिन वे क्षेत्र में जमी रहीं। इसके पहले अमेठी से चुनाव हारने वाला कोई भी बाहरी प्रत्याशी यहां नहीं लौटा था। अमेठी के लोगों के लिए यह नया तजुर्बा था। इस बीच उन्होंने अपने वेतन से 50 हजार महिलाओं व पुरुषों का बीमा कराया। 
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गौरीगंज में खाद का रैक प्वाइंट बनवाया। पिपरी में बाढ़ की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए बांध बनवाया। वे अमेठी दौरे के दौरान न केवल कार्यों की लंबी फेहरिस्त गिनाती रहीं बल्कि राहुल गांधी की नाकामियों पर जोर देती रहीं। लोगों के बीच वे इस बात को याद दिलाना नहीं भूलती थीं कि वे हार के बाद भी क्षेत्र के लिए लगातार काम कर रही हैं। 

राहुल गांधी के अमेठी के साथ ही वायनाड से चुनाव लड़ने की बात को भी उन्होंने जनता के बीच बेहद सलीके से उठाया। वे इसे राहुल गांधी की हार का भय बताने में कामयाब रहीं। चुनाव प्रचार की शुरुआत में भाजपा की अंतर्कलह को भी उन्होंने राजनीतिक कौशल से समाप्त किया। इसके लिए वे पार्टी पदाधिकारियों व नेताओं के घर-घर गईं।
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