लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान रविवार को समाप्त होने के बाद पुलिस के सामने 23 मई को होने वाली मतगणना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए डीजीपी ओपी सिंह ने अर्धसैनिक बलों और पीएसी की 200 कंपनियों की मांग की है।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि प्रदेश की 80 सीटों में से 40 ऐसी हैं जहां हार-जीत मामूली अंतर से होगी। ऐसे में कानून व्यवस्था बिगड़ने से निपटने के लिए डीजीपी मुख्यालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मांगी गईं दो सौ कंपनियों में से 80 कंपनी अर्धसैनिक बल प्रदेश को उपलब्ध करा दिया गया है।
डीजीपी मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, जिन सीटों को संवेदनशील माना जा रहा है उसमें पश्चिमी यूपी की डेढ़ दर्जन सीटों के अलावा ‘क्लोज फाइट’ की पूर्वी व मध्य यूपी की 22 से 25 सीटें शामिल हैं।
वहीं, सहारनपुर, कैराना, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हाथरस, मथुरा, फतेहपुर सीकरी, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, पीलीभीत, शाहजहांपुर, खीरी, उन्नाव, कन्नौज, कानपुर जैसी सीटों पर हार-जीत काफी कम अंतर से होगी। प्रदेश में मतदान के लिए मिली अर्द्धसैनिक बलों की व्यवस्था 21 मई तक थी। डीजीपी मुख्यालय ने इसे 25 मई तक बरकरार रखने का अनुरोध किया है।