प्रियंका गांधी वाड्रा व स्मृति ईरानी।
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कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच शुरू जुबानी जंग में ग्रामीण भी पार्टी बन गए हैं। सोमवार को प्रियंका गांधी वाड्रा और स्मृति ईरानी के बीच चले आरोप-प्रत्यारोप के बीच मंगलवार को शाहगढ़ ब्लॉक के हरिहरपुर व जामों ब्लॉक के बरौलिया गांव के लोग सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने प्रियंका के बयान को अपना अपमान बताते हुए स्मृति ईरानी के पक्ष में नारेबाजी की।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को फुरसतगंज हवाई अड्डे पर उतरकर रायबरेली जाते समय तिलोई विधानसभा क्षेत्र में एक स्थान पर कहा कि स्मृति अमेठी के लोगों को जूते देकर उनका अपमान कर रही हैं। इस बात की जानकारी मीडिया के जरिए स्मृति को मिली तो उन्होंने कहा कि जूते-चप्पल मैंने नहीं स्व. मनोहर पर्रिकर ने भेजे थे।
गांधी परिवार यह जाने बिना उन्हें अपमानित कर रहा है कि उन्होंने शाहगढ़ ब्लॉक के हरिहरपुर और जामों के गांव बरौलिया में कितना काम किया है। दोनों नेताओं में जुबानी जंग की जानकारी दोनों गांवों के लोगों को हुई तो मंगलवार सुबह वह सड़क पर उतर आए। इनका कहना था कि स्मृति व पर्रिकर ने उनके गांव का बहुत विकास किया है।
गांधी परिवार ने यहां के लिए कुछ नहीं किया। स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने प्रियंका के खिलाफ और स्मृति के पक्ष में नारेबाजी भी की।
क्या था मामला
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद अमेठी आए तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आदर्श ग्राम योजना के तहत हरिहरपुर व बरौलिया को गोद लिया था। हरिहरपुर में एक सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को नंगे पैर देख पर्रिकर ने बाद में ग्रामीणों के लिए 2,700 जोड़ी जूते-चप्पल भिजवाए थे।
एमएलसी ने किया ट्वीट
दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई बहस के बीच कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने एक ट्वीट कर बवाल मचा दिया। दीपक ने लिखा ‘स्मृति ईरानी जी हरिहरपुर के निवासियों का आपने सिर्फ अपमान किया है, पर हरिहरपुर के स्वाभिमानी लोग सच में आपको चप्पल-जूता भेंट करने हेतु बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह शुभ अवसर उनको कब प्रदान करेंगी’।