दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि देश में पहले लोकपाल की नियुक्ति का श्रेय सुप्रीमकोर्ट को जाता है। कोर्ट के दबाव में ही मोदी सरकार को देश के पहले लोकपाल की नियुक्ति करनी पड़ी। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं होने दी, उन्हें पांच वर्षों बाद केंद्र में लोकपाल नियुक्ति के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने पहले लोकपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने पर जस्टिस घोष व देशवासियों को बधाई दी है।
तीसरे ट्वीट में मायावती ने मोदी सरकार से बढ़ती बेरोजगारी पर जवाब देने की मांग की है। बेरोजगारी का श्राप 45 वर्षों में सर्वाधिक है। देश गर्क में क्यों जा रहा है? वैसे तो पूर्व की सरकारें गरीबी उन्मूलन व सामाजिक न्याय के मुद्दों पर फेल रही हैं, लेकिन मोदी सरकार के विकास से धन्नासेठों की संख्या बहुत बढ़ी है। गरीबी व बेरोजगारी भयंकर हो गई है। इसका जवाब देना चाहिए।