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लोकसभा चुनाव 2019 : गठबंधन के बावजूद सपा-बसपा-रालोद का घोषणापत्र नहीं होगा साझा

Wed, 03 Apr 2019 11:08 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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अखिलेश यादव, मायावती और अजित सिंह
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सपा-बसपा-रालोद गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन इनका साझा घोषणापत्र नहीं होगा। बसपा पूर्व की तरह अपने समर्थकों को राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की ओर से चुनाव के लिए अपील तो जारी करेगी लेकिन कोई चुनावी वादा नहीं करेगी।
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बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सपा, बसपा व रालोद गठबंधन कर चुनाव जरूर लड़ रहे हैं और सपा इसके लिए अपना चुनाव घोषणापत्र भी तैयार कर रही है। लेकिन बसपा इस बार भी अपना चुनाव घोषणापत्र जारी नहीं करेगी। इस नेता ने साझा घोषणापत्र जारी किए जाने की संभावना से साफ इनकार किया। बताया, बसपा मुखिया कहने के बजाय करने पर विश्वास करती हैं। 

इसीलिए उनकी ओर से चुनाव में समर्थकों से अपील तो जारी की जाती है, लेकिन घोषणापत्र जारी कर कोई चुनावी वादा नहीं किया जाता है। बहनजी की रैलियां शुरू हो गई हैं और अपील तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे जिम्मेदार पदाधिकारियों व प्रत्याशियों को जनता तक पहुंचाने के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। सपा पूर्व से ही घोषणापत्र जारी करती रही है लिहाजा वह अपने नीति के अनुसार जारी करेगी।
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कांग्रेस का घोषणापत्र दिखावा व छलावा : मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र को पूर्व की तरह दिखावा व छलावा बताया है। उन्होंने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कांग्रेस द्वारा लगातार वादाखिलाफी करने का ही परिणाम है कि उसके वादों के प्रति जनता में विश्वसनीयता की कमी है। वैसे इस मामले में कांग्रेस व भाजपा में ज्यादा फर्क नहीं है।

उन्होंने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि इसके नेता बसपा-बसपा-आरएलडी के गठबंधन के हाथों हार से इतने ज्यादा भयभीत हैं कि आए दिन मुद्दों के बजाय गठबंधन व इसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ जातिवादी व अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं।  
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