लोकसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन के सर्वाधिक मामले (एफआईआर) लखनऊ में दर्ज हुए हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत प्रदेश की 20 जिलों के निर्वाचन अधिकारियों ने आचार संहिता का सौ फीसदी पालन का दावा करते हुए शून्य रिपोर्ट दी है।
प्रदेश में आचार संहिता उल्लंघन के कुल 4299 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें से 1510 झंडे व लाइटों के दुरुपयोग के, 95 नियम विरुद्ध लाउडस्पीकर के इस्तेमाल करने, 145 मामले बिना अनुमति सभा आयोजन व भाषण देने के, 141 मामले नकद राशि व उपहार बांटने के और 2387 शिकायतें अन्य प्रकार की हैं। पुलिस ने 1916 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई है।
वहीं, राजधानी लखनऊ में झंडे व लाइट के दुरुपयोग के 338, लाउडस्पीकर संबंधी 21, बिना अनुमति सभा, भाषण व बैठक करने के 25 व 451 अन्य शिकायतें मिलीं। इस तरह लखनऊ में कुल 845 शिकायतें में मिली। इनमें से सभी मामलों में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, मऊ में कुल 962 शिकायतें मिलीं।
प्रतिबंध के बाद भी हुआ जमकर चुनाव प्रचार
लोकसभा चुनाव के छठे चरण में चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद प्रचार करने के 89 शिकायतें मिलीं। इनमें से 38 ही जांच में सही पाई गईं। वहीं, शराब वितरण की 45 शिकायतें में 9 सही मिली। पैसे बांटने की 65 शिकायतें में से 11, बिना अनुमति के पोस्टर-बैनर लगाने की 670 शिकायतें में से 383 और सांप्रदायिक व धार्मिक भावनाएं भड़काने की 27 शिकायतें में से 5 सही पाई गईं।
इन जिलों में आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट शून्य
रायबरेली, श्रावस्ती, वाराणसी, अलीगढ़, अमरोहा, बागपत, बहराइच, भदोही, बदायूं, चित्रकूट, हाथरस, ललितपुर, महराजगंज, महोबा, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, पीलीभीत, संभल और सोनभद्र।
किस जिले से मिली कितनी शिकायतें
जिला कुल शिकायतें मुकदमे
- मऊ 962 00
- लखनऊ 845 845
- भदोही 235 155
- देवरिया 379 379
- गाजीपुर 300 03
- बलिया 766 03
- एटा 95 92
- मैनपुरी 133 04