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लोकसभा चुनाव 2019: रामनगरी के सियासी संग्राम पर देश की नजर

Fri, 03 May 2019 04:55 AM IST
देव कश्यप राजेंद्र सिंह, अमर उजाला, अयोध्या
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रामनगरी से प्रयागराज रोड पर करीब 18 किमी दूर नंदी ग्राम में भरत कुंड है जिसके बारे में कहा जाता है कि दशरथ पुत्र भरत ने 14 साल तपस्या की और भगवान राम की खड़ाऊ लेकर राज चलाया था। इसी से सटा मुस्लिम बहुल भदरसा कस्बा है, जहां से निकली मलिका-ए-गजल बेगम अख्तर ने देश-दुनिया में गजल गायकी, दादरी, ठुमरी और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का लोहा मनवाया। एक-डेढ़ किमी के फासले पर बसे दोनों स्थानों का सियासी मिजाज लोकसभा क्षेत्र की तस्वीर का आईना है। भरत कुंड पर मिले नंदी ग्राम के पूर्व प्रधान रामकुमार पांडेय कहते हैं कि यहां सब मोदी भक्त हैं। उधर, भदरसा के मेन बाजार में मस्जिद के बाहर सभासद तौफीक अहमद उर्फ छन्नू चचा, शफीक समेत अधिकतर लोगों को गठबंधन भारी नजर आ रहा है। हालांकि, यही के गुड्डू खान कांग्रेस के कारण त्रिकोणीय मुकाबला बता रहे हैं।

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फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र की पांच में से चार विधानसभा सीटें अयोध्या, रुदौली, मिल्कीपुर व बीकापुर, अयोध्या जिले में हैं, जबकि दरियाबाद बाराबंकी में आती है। पांचों सीटों पर भाजपा विधायक हैं। फैजाबाद सीट पर भाजपा सांसद लल्लू सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है। लल्लू सिंह को गठबंधन से सपा प्रत्याशी आनंदसेन यादव और कांग्रेस के डॉ. निर्मल खत्री से चुनौती मिल रही है। लल्लू सिंह 1991 से 2012 तक अयोध्या के विधायक रहे। 2014 में 2.82 लाख से अधिक मतों से सांसद बने। खत्री इस सीट से विधायक और 1984 और 2009 में सांसद रहे हैं। आनंद सेन के पिता मित्रसेन यादव क्षेत्र के प्रमुख नेता हैं। कई बार विधायक रहे और 1989, 1998 और 2004 में यहां से सांसद बने। आनंद सेन मिल्कीपुर से दो बार विधायक और राज्यमंत्री रह चुके हैं। लल्लू सिंह राष्ट्रवाद, मोदी फैक्टर और सरल छवि के चलते वैतरणी पार करने की कोशिश में हैं तो आनंद सेन को सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के समीकरण से लाभ मिलने की उम्मीद है। खत्री को अपनी छवि, पुराने रिश्तों व कांग्रेस के परंपरागत वोटरों के आधार पर फिर परचम लहराने का भरोसा है।

युवा व पहली बार के वोटर भी एक राय नहीं: सामाजिक समीकरणों के लिहाज से युवा व पहली बार के वोटर भी बंटे हैं। सरयू के घाट पर मिले अमित पांडेय और अच्युतानन्द पांडेय कहते हैं कि यहां मोदी ही है। लवकुशनगर के संदीप गुप्ता व शिवकुमार सिंह भाजपा को भारी आंक रहे हैं। वहीं, मसौधा में मिले विनोद यादव,  मो. नाजिम गठबंधन काे आगे मानते हैं।

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बंटवारा नहीं चाहते मोदी समर्थक व विरोधी

राम मंदिर मुद्दा पीछे चले जाने का दर्द: इस चुनाव में राम मंदिर का जिक्र नहीं है। पीएम की रैली से लौटे दरियाबाद के विश्वनाथ तिवारी कहते हैं कि राम मंदिर को लेकर ठोस बातों की उम्मीद थी लेकिन पीएम कुछ नहीं बोले। स्वामी निखिलानन्द कहते हैं कि पीएम ने राम का नाम लिया लेकिन मंदिर का जिक्र नहीं किया। हो सकता है, मजबूरिया हों, लेकिन हिंदू समाज का उन पर भरोसा कायम है।

फैजाबाद चौक पर प्रॉविजन स्टोर चलाने वाले जफर उस्मान अंसारी कहते हैं कि फिलहाल त्रिकोणात्मक मुकाबले के आसार हैं लेकिन जंग आमने-सामने की हो सकती है। उन्हें लगता है कि मोदी समर्थक और विरोधी, दोनों वोटों का बंटवारा नहीं चाहते। चुनाव भाजपा-सपा के बीच होगा। चौक पर ही एक रेडीमेड स्टोर के मालिक नंदलाल मखीजा भी इससे इत्तेफाक रखते हैं। जबकि मकबरा निवासी डॉ. विजय कुमार ओझा को कांग्रेस आगे दिखती है। सिविल लाइन्स निवासी शिक्षक आनंद प्रताप सिंह को लगता है कि छवि के मामले में लल्लू सिंह प्रतिद्वंदियों पर भारी हैं। बीकापुर वके मुकेश सिंह, जिला जीत सिंह व अयोध्या के अतुल सिंह भाजपा का पलड़ा भारी मानते हैं।

हर जगह हार-जीत के दावे
नंदीग्राम में 40 साल प्रधान रहे रामकुमार पांडेय कहते हैं कि भाजपा का मुकाबला सपा से है। भदरसा में मो. शफीक, तौफीक अहमद को लगता है कि गठबंधन और भाजपा के बीच टक्कर है। मुख्य बाजार में कपड़ा व्यापारी विजय कुमार गुप्ता व  इलेक्ट्राॅनिक्स शॉप चलाने वाले सरदार जसवीर सिंह कहते हैं कि मुसलमानों का रुझान सपा की तरफ ज्यादा है। निषाद, बनिया, हलवाई व सुनारों का रुख भाजपा के पक्ष में है।

काम हुए लेकिन लावारिस पशुओं से दिक्कत
हनुमान गढ़ी पर मिष्ठान भंडार चलाने वाले वैभव गुप्ता कहते हैं कि अयोध्या के लोग मोदी-योगी से संतुष्ट हैं।  सुमंत वर्मा कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस पशुओं की समस्या का हल जरूरी है। गन्ना समिति संघ लखनऊ की डायरेक्टर मंजू सिंह को लगता है कि किसान सम्मान योजना के तहत पहली किश्त के रूप में किसानों को दो-दो हजार रुपये मिलने का लाभ भाजपा को मिलेगा। हालांकि, सराय अब्बू निवासी रामनाथ यादव कहते हैं कि गन्ना मूल्य वृद्धि न होने तथा भुगतान में देरी से नाराजगी है।  रीडगंज निवासी 84 वर्षीय मुन्ना सिंह कहते हैं, पहले सर्जिकल स्ट्राइक और फिर एयर स्ट्राइक से माहौल बदला है। लोगों में राष्ट्रवाद की भावना जगी है। सेवानिवृत्त प्रोफेसर कृष्णमुरारी सिंह भाजपा और गठबंधन में मुकाबला है।
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