मायावती के बाद अब अखिलेश यादव ने भी यूपी पुलिस द्वारा वोट देने से रोके जा रहे दलित लोगों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने ट्वीट करके इसे जर्म और पाप दोनों बताया।
सपा अध्यक्ष ने ट्वीट में लिखा कि दलित भाइयों व बहनों को वोट डालने से रोकना जुर्म है और पाप भी। जुर्म, क्योंकि मतदान हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। पाप, क्योंकि केवल मतदान ही लोगों के सब फर्क एक दिन के लिए मिटा देता है। अब भाजपा के नेता खुलकर कह रहे हैं कि यह देश सबका नहीं है और लोगों में नफ़रत फैला रहे हैं।