लोकसभा चुनाव की मतगणना के लिए पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था की है। 75 जिलों के 77 केंद्रों पर 80 लोकसभा सीटों और दो विधानसभा सीटों पर हुए मतदान की मतगणना होगी। इसके लिए हर मतगणना केंद्र पर पुलिस उपाधीक्षक स्तर का एक अधिकारी तैनात किया गया है साथ ही 40 अपर पुलिस अधीक्षकों को भी सुपरविजन के लिए लगाया गया है।
गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप ने बताया कि मतगणना के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। 121 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्ति 150 कंपनी पीएसी और लगभग एक लाख पांच हजार नागरिक पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। मतगणना को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के क्रम में मतगणना स्थल की तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना स्थल के 100 मीटर के दायरे में निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकृत व्यक्ति को ही प्रवेश दिया जाएगा।
इसमें मतगणना कर्मी, पुलिस कर्मी, राजनैतिक दलों के एजेंट और मीडिया कर्मी शामिल होंगे। मीडिया कर्मी मतगणना केंद्र के पास बने मीडिया सेंटर तक ही कैमरा और मोबाइल ले जा सकेंगे। इसके अलावा किसी को 100 मीटर के दायरे में मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं होगी।
मीडिया कर्मी भी मतगणना हाल में मोबाइल के साथ प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आईजी ने बताया कि मतगणना के बाहर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इस दौरान किसी को भी विजय जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों पर भी पैनी नजर
प्रवीण कुमार ने बताया कि मतगणना के दौरान अफवाह फैलाने वालों के साथ भी सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ईवीएम की सुरक्षा को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईवीएम स्ट्रांग रूम में पूरी तरह से सुरक्षित है। इस बारे में चुनाव आयोग भी विस्तार से बता चुका है।
संवेदनशील जिलों को किया गया चिन्हित
मतगणना के दौरान संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों और क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है और वहां पर्याप्त मात्रा में फोर्स उपलब्ध कराई गई है। संप्रदायिक दृष्टि से 36 जिले संवेदनशील की श्रेणी में आते हैं जबकि राजनैतिक दृष्टि से 23 जिले ऐसे हैं जो संवेदनशील हैं। फिलहाल माहौल को देखते हुए सभी जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
खुफिया एजेंसियां भी चौकन्नी
मतगणना को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी चौकन्नी हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जहां सादे ड्रेस में पुलिस के जवान लगाए गए हैं वहीं खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क किया गया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने भी लगभग सभी राज्यों को अलर्ट भेजा है।