रेउसा विधानसभा क्षेत्र के अकसोहा में मिले ओमप्रकाश ने बताया कि शिक्षित लड़के अब जाति के आधार पर नहीं, काम देखकर वोट देने जा रहे हैं। सांसद ढीले हैं, लेकिन इलाकाई विधायक एक्टिव हैं। वे बताते हैं कि कांग्रेस की 72,000 रुपये वाली योजना ज्यादा प्रभाव नहीं डाल पाई। लहरपुर में पड़रिया में सुधीर सिंह ने कहा कि बसपा का क्षेत्रीय प्रत्याशी होता तो राजेश वर्मा का निकलना इस बार मुश्किल हो जाता। कैसरजहां मुस्लिम वोट काटकर गठबंधन को नुकसान पहुंचा रही हैं, लेकिन भाजपा के साथ माने जाने वाले कुछ पंडित भी नकुल के साथ जा रहे हैं। ऐसे में नकुल के बाहरी होने के बावजूद भाजपा और गठबंधन में लड़ाई कांटे की हो रही है।
प्रमुख प्रत्याशियों के बारे में
राजेश वर्मा (भाजपा) मौजूदा सांसद हैं। इसके पहले दो बार बसपा से सांसद रह चुके हैं। पिछड़ा वर्ग में अच्छी पकड़ है।
नकुल दुबे (बसपा) गठबंधन से प्रत्याशी हैं। मायावती सरकार में नगर विकास मंत्री रहे हैं। बाहरी होने के बाद भी परंपरागत मतदाता साथ नजर आ रहा है।
कैसरजहां (कांग्रेस) बसपा से 2009 में सांसद रहीं। उनके पति जासमीर अंसारी दो बार विधायक रहे हैं। मुस्लिम वोटों में सेंध की कोशिश में।
चार सांसद चुनते हैं सीतापुर के मतदाता
सीतापुर यूपी का ऐसा जिला है, जहां के लोग चार सांसद चुनते हैं। सीतापुर में 9 विधानसभा क्षेत्र हैं। सिधौली के लोग मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र का सांसद चुनते हैं। सीतापुर, लहरपुर, महमूदाबाद, सेवता और बिसवां विधानसभा क्षेत्र के लोग सीतापुर लोकसभा क्षेत्र का सांसद चुनते हैं। मिश्रिख विधानसभा क्षेत्र के मतदाता मिश्रिख लोकसभा सीट और महोली व हरगांव विधानसभा क्षेत्र के लोग लखीमपुर खीरी जिले की धौरहरा लोकसभा क्षेत्र के लिए वोट देते हैं।
राजा टोडरमल के नाम पर डाक टिकट जारी न करने से नाराजगी
सीतापुर की बड़ी पहचान राजस्व व्यवस्था के जनक राजा टोडरमल से है। केंद्र सरकार ने राजा टोडरमल के नाम पर डाक टिकट जारी करने का एलान किया था। राजा टोडरमल स्मारक समिति के कर्ताधर्ता संजय पुरी बताते हैं कि डाक टिकट जारी न करने से लोगों में नाराजगी है।