कांटा सोनबरसा चौराहा हर पार्टी के समर्थक मतदाताओं के बीच दोस्ताना बहस का केंद्र बना है। छोटा-मोटा कारोबार करने वाले महेंद्र कनौजिया कहते हैं कि हम पीएम मोदी के साथ हैं। वहीं, किसान घनश्याम कनौजिया गठबंधन को ठीक मानते हैं। शंकर गुप्ता कहते हैं कि मोदी ने घरों में शौचालय, गैस व बिजली कनेक्शन पहुंचाए। उन्हें वोट न देने का सवाल ही नहीं उठता। भदवां सोमवंशी गांव के मुकेश कोरी और राजकुमार चौरसिया भी उनसे सहमत हैं। वहीं, रजब अंसारी और मो. आजम गठबंधन के प्रत्याशी को बेहतर मानते हैं।
जमकर लड़ रहे हैं भाजपा और गठबंधन
मुजेहना चौराहे पर चाय की दुकान पर राष्ट्रवाद पर चर्चा छिड़ी है। इकबाल हुसैन, अशफाक और अरुण गौतम कहते हैं कि प्रसपा प्रत्याशी डायमंड जितना गठबंधन को नुकसान पहुंचाएंगे, उससे ज्यादा कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा पटेल भाजपा का नुकसान कर देंगी। हनुमान सिंह का मानना है कि मोदी ने पाकिस्तान को करारा सबक सिखाया है। यहां लड़ाई कांटे की है। अंधियारी चौराहे पर मिले मिथिलेश त्रिपाठी कहते हैं, भाजपा ठीक है, लेकिन छुट्टा जानवरों के चलते उसका 5-10 फीसदी वोट कट रहा है। सियाराम वर्मा कहते हैं, जानवर हम लोग ही तो छोड़ते हैं। मोदी का जादू ही चलेगा। चैनपुरा के वीपी सिंह कहते हैं कि उनके यहां वोट पंडित सिंह और राजा भैया के बीच बंट रहा है। राम अछेवा वर्मा कांग्रेस को फाइट में नहीं मानते।
प्रत्याशी नहीं, मोदी को समर्थन
मेहनोन विधानसभा क्षेत्र के सरजूपुरवा (माधोगंज) के मतदाता तय कर चुके हैं कि उन्हें किस ओर जाना है। हनुमान दत्त शुक्ला कहते हैं कि राजा साहब (भाजपा प्रत्याशी) किसी को थाने में सिफारिश करके न पिटवाते हैं और न प्रधानी के चुनाव में कोई दखल देते हैं। इसलिए हमारे लिए वे बेहतर हैं। संदीप शुक्ला कहते हैं कि अधिकांश ब्राह्मण मतदाताओं की पहली पसंद भाजपा है, लेकिन गठबंधन प्रत्याशी भी एक हिस्से को अपनी तरफ करने में कामयाब होते दिख रहे हैं। शुक्ला बताते हैं कि राजा साहब से मिलना आसान नहीं, लेकिन मोदी के नाम पर उन्हें समर्थन मिल रहा है।