कांग्रेस ने गुरुवार को महाराजगंज से पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बेटी तनुश्री त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया था। शुक्रवार को कांग्रेस ने तनुश्री का टिकट सुप्रिया श्रीनेत को दे दिया। सुप्रिया पूर्व सांसद हर्षवर्धन की बेटी हैं। हर्षवर्धन भाजपा के लिए फरेंदा विधानसभा सीट से विधायक व जनतादल से एमपी चुने गए थे। इसके बाद हुई कई बार हार से उन्होंने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
इससे पहले तनुश्री को शिवपाल ने प्रसपा के टिकट पर लड़ने का न्यौता दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया था। प्रसपा के घोषित प्रत्याशियों की सूची में तनुश्री का नाम भी शामिल था। लेकिन उसके बाद कांग्रेस ने भी तनुश्री को महराजगंज से अपना उम्मीदवार बनाया था। अमरमणि त्रिपाठी फिलहाल जेल में बंद हैं। वह मधुमिता हत्याकांड में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। अमरमणि के बेटे अमनमणि त्रिपाठी भी मौजूदा समय में नौतनवां से निर्दलीय विधायक हैं।
भाई के साथ मिलकर विरासत आगे बढ़ा रहीं
वहीं तनुश्री का जन्म गोरखपुर में 11 जनवरी 1990 को हुआ था। उनकी पढ़ाई नैनीताल के सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल से हुई। इसके बाद वे लंदन यूनिवर्सिटी चली गईं आगे की पढ़ाई के लिए। अब वे भाई अमनमणि के साथ पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
परिवार की खातिर छोड़ी थी नौकरी
पढ़ाई के बाद उन्होंने यूके में के इंटरनेशनल कंपनी में जॉब शुरु की थी लेकिन घर की परिस्थितियों को देखते हुए 2014 में नौकरी छोड़ दी। उस समय उनके पिता, मां और भाई तीनों जेल में थे। उनके पिता कवियत्री मधुमिता की हत्या के जर्म में सजा काट रहे हैं। तो भाई अमनमणि पत्नी सारा की हत्या के आरोप में जेल में थे।
टिकट मिलने के बाद कहा था कि यह सब अचानक हुआ
तनुश्री ने शिवपाल की प्रसपा से टिकट मिलने के बाद कहा था कि महाराजगंज सीट ने उन्हें चुना है। यह सब अचानक ही हो गया और उन्होंने सीटी के लिए कभी टिकट नहीं मांगा। लेकिन इस कदम का वह स्वागत करती हैं। साथ वे पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी।
तन्नू को लगा झटका, सुप्रिया को मिला टिकट
कांग्रेस पार्टी ने नौतनवां से विधायक अमन मणि त्रिपाठी की बहन तनुश्री त्रिपाठी को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को घोषित की गई सूची में तनुश्री के स्थान पर महराजगंज से कांग्रेस के पूर्व सांसद रहे स्व. हर्षवर्धन सिंह की बेटी सुप्रिया सिंह श्रीनेत को टिकट दिया है। सुप्रिया एक अंग्रेजी टीवी चैनल में वरिष्ठ संपादक के पद पर कार्यरत रहीं हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी सुप्रिया सिंह श्रीनेत का जन्म फरवरी 1977 में हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा लॉरेटो कॉन्वेंट लखनऊ से हुई है। स्नातक व परास्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय की हैं। राजनीति विज्ञान में एम ए करने के बाद कैरियर की शुरुआत एक टीवी चैनल से की। पिछले 10 साल से एक टीवी चैनल में वह कार्यकारी संपादक के पद पर काम करती रही। इनके पति धीरेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में ऊंचे पद पर कार्यरत हैं।
स्वामी विवेकानंद व भगत सिंह हैं सुप्रिया के आदर्श
छात्र जीवन से वह प्रतिभाशाली रही। वह लॉरेटो कॉन्वेंट की हेड गर्ल भी रहीं। स्वामी विवेकानंद व भगत सिंह को अपना आदर्श मानती हैं। अपने पिता की तरह संघर्षशील हैं। पिता के संघर्षों को महराजगंज में जिंदा रखने के लिए राजनीति में आई हैं।
24 घंटे में प्रत्याशी बदलने से सियासी हलचल तेज
24 घंटे के अंदर कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद सियासी गलियारे में भी हलचल मच गया। एक तरफ तन्नू श्री का टिकट कटा तो दूसरी ओर सुप्रिया का टिकट घोषित हुआ।
यह खबर जैसे ही महराजगंज शहर में पहुंची तो शहर में उनके कार्यालय पर समर्थकों ने खुशी की इजहार किया। ढ़ोल बजाकर सभी ने स्वर्गीय हर्षबर्धन के संर्घषों को याद करते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाया।
सुप्रीया सिंह श्रीनेत के पारिवारिक पृष्ठभूमि पर नजर डाले तो पिता की मजबुत राजनैतिक विरासत है। उनके संघर्षों की बुनियाद पर वह जनता के बीच अपना भग्य आजमाएंगी। पिता हर्षवर्धन 1889 और 2009 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। 1885 से 89 तक फरेंदा के विधायक भी रहे। 4 अक्टूबर 2016 को उनका निधन हो गया। 2 अगस्त 2015 को सुप्रीया के भाई राज्यवर्धन सिंह का भी निधन हो गया। माता विष्णु सिंह का निधन 14 मई 2014 को हुआ था।