काशी के धार्मिक महत्व को देखते हुए सरकार ने वाराणसी नगर निगम के सीमा विस्तार का फैसला किया है। लोहता नगर पंचायत को वाराणसी नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है। इस नगर पंचायत का गठन सरकार ने पिछले साल ही किया था, लेकिन लोहता का अधिकांश क्षेत्रों का शहरीकरण हो चुका है।
इसको देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। पिछले साल गठित लोहता नगर पंचायत का क्षेत्रफ ल 123.92 हेक्टेयर है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के साथ ही धार्मिक महत्व की वजह से भी वाराणसी के आसपास के इलाकों का तेजी से शहरीकरण हो रहा है।
वाराणसी से सटे होने और भदोही को शहर से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित लोहता में तेजी से विकास हो रहा है। इसके मद्देनजर नगर विकास विभाग ने लोहता नगर पंचायत को नगर निगम की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया था जिसे मंजूरी मिल गई। इससे पहले भी सरकार ने वाराणसी शहर के आसपास के 9 गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल किया था। सरकार के इस फैसले से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराने में मदद मिलेगी।
भाषा संस्थान के भवन के मलबे की धनराशि बट्टे खाते में
राजधानी में उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के न्यू हैदराबाद स्थित जर्जर भवन को तोड़ने, मलबा हटाने और मलबा बेचने से प्राप्त धनराशि को समायोजित करने के बाद शेष 11 लाख 85 हजार 177 रुपये बट्टे खाते में डालने का बुधवार को कैबिनेट ने अनुमोदन कर दिया। इस जर्जर भवन को पिछले दिनों गिराया गया था।