फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी नगर निगम में शामिल होगी लोहता नगर पंचायत, कैबिनेट बाई सर्कुलेशन को सरकार ने दी मंजूरी

Wed, 30 Dec 2020 11:47 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
काशी के धार्मिक महत्व को देखते हुए सरकार ने वाराणसी नगर निगम के  सीमा विस्तार का फैसला किया है। लोहता नगर पंचायत को वाराणसी नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है। इस नगर पंचायत का गठन सरकार ने पिछले साल ही किया था, लेकिन लोहता का अधिकांश क्षेत्रों का शहरीकरण हो चुका है। 
विज्ञापन


इसको देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। पिछले साल गठित लोहता नगर पंचायत का क्षेत्रफ ल 123.92 हेक्टेयर है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के साथ ही धार्मिक महत्व की वजह से भी वाराणसी के आसपास के इलाकों का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। 

वाराणसी से सटे होने और भदोही को शहर से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित लोहता में तेजी से विकास हो रहा है। इसके मद्देनजर नगर विकास विभाग ने लोहता नगर पंचायत को नगर निगम की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया था जिसे मंजूरी मिल गई। इससे पहले भी सरकार ने वाराणसी शहर के आसपास के 9 गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल किया था। सरकार के इस फैसले से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


भाषा संस्थान के भवन के मलबे की धनराशि बट्टे खाते में 
राजधानी में उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के न्यू हैदराबाद स्थित जर्जर भवन को तोड़ने, मलबा हटाने और मलबा बेचने से प्राप्त धनराशि को समायोजित करने के बाद शेष 11 लाख 85 हजार 177 रुपये बट्टे खाते में डालने का बुधवार को कैबिनेट ने अनुमोदन कर दिया। इस जर्जर भवन को पिछले दिनों गिराया गया था।
विज्ञापन

बट्टा खाते में डाले 11 लाख 85 हजार रुपये

योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के जर्जर भवन के मलबे को बेचने से हुई आय को समायोजित करने के बाद शेष 11 लाख 85 हजार 177 रुपये को बट्टा खाते में डालने की मंजूरी दी है। भाषा विभाग की ओर से संस्कृत संस्थान के नया हैदराबाद स्थित जर्जर भवन को तोड़ने के बाद निकले मलबे को बेचा गया।

इससे हुई आय में से जर्जर भवन को गिराने और मलबा हटाने पर हुए खर्च के बाद 11 लाख 85 हजार 177  रुपये बची। भाषा विभाग ने इस राशि को बट्टा खाते में डालने का प्रस्ताव कैबिनेट में प्रस्तुत किया। इसे कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूर कर लिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें