अभिषेक सहज
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (आरएमएलएनएलयू) का पांचवां दीक्षांत समारोह 17 अक्तूबर को प्रस्तावित है। इस बार 17 विद्यार्थियों को 20 पदक दिए जाएंगे। 20 में से 13 पदक छात्राओं की झोली में आए हैं। खास बात यह है कि बीएएलएलबी और एलएलएम दोनों रेग्युलर कोर्स में टॉप थ्री पर सिर्फ छात्राएं काबिज हैं।
बीएएलएलबी में तेजस्विनी कौशल, ईशा अग्रवाल और निशा वर्मा को पहला, दूसरा और तीसरा स्थान मिला है। वहीं एलएलएम में भी गोल्ड, सिल्वर और ब्रांन्ज मेडल पर क्रमश: रूपल जायसवाल, चित्रा सिंह और सौम्या गिरी ने कब्जा जमाया है। ईशा अग्रवाल इकलौती छात्रा हैं जिन्हें चार पदक दिए जाएंगे। इसके अलावा पीजी डिप्लोमा इन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स में भी टॉप थ्री में दो छात्राएं शामिल हैं। इसमें आशी पांडेय को स्वर्ण और ईशा अस्थाना को कांस्य पदक दिया जाएगा। विभिन्न विषयों और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष पदकों से भी सम्मानित किया जाएगा। छात्राओं में तान्या वर्मा को प्रदीप कुमार अग्रवाल मेमोरियल स्वर्ण पदक फॉर लॉ ऑफ टैक्सेशन दिया जाएगा। वहीं, मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मालविका पचौरी को केके लूथरा मेमोरियल एडवोकेसी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।
जुडिशियरी और यूपीएससी दोनों की तैयारी साथ-साथ
बीए एलएलबी ऑनर्स की छात्रा ईशा अग्रवाल को अपने पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक दिया जाएगा। साथ ही आपराधिक विधि में जस्टिस ओपी प्रधान मेमोरियल स्वर्ण पदक, संवैधानिक विधि में लेट पद्मावती मोहनलाल जरीवाला स्वर्ण पदक और स्टूडेंट ऑफ द ईयर के लिए वीरेंद्र भाटिया स्वर्ण पदक भी प्रदान किया जाएगा। ईशा ने अमर उजाला के साथ बातचीत में बताया कि वह जुडिशियरी और यूपीएससी दोनों की तैयारी साथ-साथ कर रही हैं। मूलरूप से मेरठ की निवासी और अब लखनऊ के अर्जुनगंज में रह रहीं ईशा ने बताया कि मेरे पिता गौरव गुप्ता सेना से सेवानिवृत्त हैं और मां नीतू गृहिणी हैं जिनके सहयोग से यह मुकाम हासिल हो सका। ईशा ने बताया कि उनका सपना जज बनने का है लेकिन पिछले दिनों तीन साल की प्रैक्टिस अनिवार्य किए जाने का प्रावधान आने के बाद यूपीएससी और न्यायिक सेवा के लिए एक साथ तैयारी शुरू कर दी है। छोटा भाई केशू बीबीए कर रहा है। ईशू ने वर्ष 2021 में क्लैट में ऑल इंडिया रैंक 204 प्राप्त की थी और उससे पहले 12वीं में 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे देश के आर्मी स्कूलों में पहला स्थान पाया था।
बीए एलएलबी के बाद अब एलएलएम में भी गोल्ड मेडल
एलएलएम में गोल्ड मेडल के लिए चयनित रूपल जायसवाल ने लोहिया विधि विवि से बीए एलएलबी में भी गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। प्रयागराज की निवासी रूपल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बहनों को दिया। पिता कृष्ण कुमार जायसवाल प्राइवेट कंपनी से सेवानिवृत्त हैं और मां सरिता गृहिणी हैं। दो बड़ी बहनों में एक लीगल एग्जीक्यूटिव रही हैं और दूसरी कंपनी सेक्रेटरी हैं। रूपल ने बताया कि उनका लक्ष्य न्यायिक सेवा में जाने का है और उन्होंने एपीओ का मेंस दिया है।
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ में बनाएंगी कॅरिअर
बीएएलएलबी में स्वर्ण पदक के लिए चयनित दिल्ली निवासी तेजस्विनी कौशल ने बताया कि उनका पसंदीदा विषय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ है और वह इसी क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहती हैं। उन्होंने कहना है कि अच्छे अंक हासिल करने के लिए कक्षाओं में नियमित हाजिरी जरूरी है। सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों व विवि के समृद्ध पुस्तकालय को दिया।
अपने माता पिता के साथ ईशा अग्रवाल, तेजस्विनी और रूपल जायसवाल। अमर उजाला
अपने माता पिता के साथ ईशा अग्रवाल, तेजस्विनी और रूपल जायसवाल। अमर उजाला