मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी में मुलायम परिवार का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। बृहस्पतिवार को लोहिया ट्रस्ट के सचिव पद से रामगोपाल यादव को हटा दिया गया। उनकी जगह शिवपाल सिंह यादव को सचिव बनाया गया है। ट्रस्ट में किसी सदस्य को हटाने या नामित करने के लिए मुलायम सिंह यादव को अधिकृत किया गया है।
सपा में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुआ विवाद चुनाव में करारी पराजय के बाद भी खत्म नहीं हुआ है। इस विवाद में एक तरफ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व महासचिव रामगोपाल यादव हैं तो दूसरी तरफ हाशिये पर चल रहे संस्थापक अध्यक्ष मुलायम सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव हैं। लोहिया ट्रस्ट पर भी इस विवाद की छाया पड़ गई है।
विक्रमादित्य मार्ग स्थित लोहिया ट्रस्ट के कार्यालय में बृहस्पतिवार को ट्रस्ट की बैठक में रामगोपाल यादव को सर्वसम्मति से सचिव पद से हटा दिया गया। वह पिछली कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। उनकी जगह शिवपाल सिंह यादव को ट्रस्टी सचिव बनाने का प्रस्ताव आम सहमति से पारित हुआ। ट्रस्ट के गठन के बाद से ही रामगोपाल यादव इसके सचिव थे।
सपा में उठापटक शुरू होने के बाद से वह मुलायम के निशाने पर हैं। बतौर अध्यक्ष मुलायम सिंह उन्हें पार्टी से बर्खास्त भी कर चुके हैं, हालांकि बाद में पार्टी में वापस से लिया गया था। एक जनवरी 2017 को सपा का विशेष अधिवेशन बुलाकर मुलायम सिंह की जगह अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इस अधिवेशन के आयोजन में मुख्य भूमिका रामगोपाल यादव की ही थी।