अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि जल निगम तीन महीने से कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहा, पर मुखिया जी के तथाकथित कोरोना सहायता कोष में दान दे रहा है। उधर, रेलवे के पास भी दान के लिए तो धन है पर मजदूरों को फ्री घर पहुंचाने के लिए नहीं है।
इस मामले में जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल ने बताया कि खर्च के मुकाबले निगम की आय पर्याप्त नहीं है। विगत महीनों में कर्मियों को लगातार वेतन और पेंशन दी गई। इस समय सिर्फ वेतन और पेंशन भुगतान में दो माह का बैकलॉग है।
सामाजिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री कोविड -19 फंड में स्वेच्छा से दिया गया है।