नगर निगम व पालिका परिषदों की सीमा में समस्त माल, मार्केट कांप्लेक्स व मार्केट बंद रहेंगे। हालांकि इनमें आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी दुकानें खोलने की अनुमति होगी। लेकिन ऐसी दुकानों पर आवश्यक व गैर आवश्यक सेवा व वस्तु का भेद नहीं किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में एक स्थान पर एक ही दुकान, कालोनी के अंदर की दुकानों व आवासीय परिसर के अंदर की दुकानों के भी खुलने की अनुमति होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मॉल को छोड़कर आवश्यक व गैर आवश्यक समस्त तरह की दुकानें खुलने की अनुमति दी जा सकेगी।
पूर्वाह्न 10 से शाम 7 बजे तक खुलेगी शराब की दुकान
सरकार ने शहरी व ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में आबकारी विभाग की मात्र एकल दुकानों को पूर्वाह्न 10 बजे से शाम सात बजे तक खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि वहां सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करना होगा। यह व्यवस्था ऑरेंज व ग्रीन जोन में भी लागू की जाएगी।
निजी कार्यालयों को 33 प्रतिशत स्टाफ ही बुला सकेंगे, सरकारी दफ्तर भी खुलेंगे
सरकार ने कहा है कि निजी कार्यालय 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ खोले जा सकते हैं। बाकी से घर से ही कार्य लिया जाएगा। सरकारी कार्यालयों में उप सचिव व उसके ऊपर के अधिकारी पूर्ण रूप से ऑफिस में उपस्थित रहेंगे। बाकी स्टाफ में से 33 प्रतिशत को आवश्यकतानुसार कार्यालय बुलाया जाएगा। महामारी नियंत्रण व आपदा से जुड़े विभागों पूर्ण क्षमता के साथ पूर्व की तरह काम करेंगे।
ऑरेंज जोन में यह भी
- जिले के अंदर व बाहर बस परिवहन पर रोक रहेगी।
- टैक्सी व कैब सेवाएं एक ड्राइवर व दो यात्रियों के साथ जिले की सीमा के अंदर चल सकेंगी।
- ऐेसे व्यक्तिगत वाहन भी चल सकेंगे जिन्हें अंतरजनपदीय संचालन के लिए अनुमति दी गई हो। चार पहिया वाहनों में अधिकतम दो यात्री होंगे।
ग्रीन जोन में यह भी
बसों का संचालन 50 प्रतिशत सीट के साथ हो सकेगा। बस डिपो 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलाए जा सकेंगे। बसों व टैक्सियों को जिले की सीमाओं में चलाने की अनुमति दी जा सकेगी। माल के परिवहन के लिए खाली ट्रक की अंतर्राज्यीय परिवहन की अनुमति होगी।
शादी व अंतिम संस्कार अधिकतम 20 लोगों के साथ
सरकार ने शादी व अंतिम संस्कार के आयोजन के लिए लोगों की अधिकतम सीमा तय कर दी है। शादी संबंधी आयोजन में 20 से अधिक लोगों के इकटठा होने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह अंतिम संस्कार में भी 20 से अधिक व्यक्ति भाग नहीं ले सकेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान गैर आवश्यक गतिविधियों के लिए जनसामान्य का आवागमन शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। स्थानीय प्रशासन आवश्यकतानुसार निषेधाज्ञा व धारा-144 लागू कर सकेगा। लेकिन, रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन में सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य सुरक्षा सावधानियों के पालन की शर्त के साथ ओपीडी व चिकित्सा क्लीनिक खोलने की अनुमति दी जा सकती है। कंटेन्मेंट जोन को छोड़कर अन्य जोन में व्यक्तिगत चार पहिया वाहनों में ड्राइवर सहित अधिकतम तीन व्यक्ति व मोटरसाइकिल पर केवल एक व्यक्ति को अनुमति होगी।
कंटन्मेंट जोन में सख्ती रहेगी बरकरार
मुख्य सचिव ने रेड, ग्रीन व ऑरेंज जोन की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया है कि रेड व ऑरेंज जोन में चिह्नित कंटेन्मेंट जोन में पूर्व की तरह अत्यधिक सावधानी बरती जाएगी और कड़े नियंत्रण लागू किए जाएंगे। इन क्षेत्रों के अंदर व बाहर किसी भी व्यकित, वाहन के आवागमन की अनुमति नहीं होगी। आपातकालीन चिकित्सीय सेवा व आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति ही वहां हो सकेगी।
इन क्षेत्रों में सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, खेल परिसर, तरणताल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार व सभागार, एसेंबली हॉल बंद रहेंगे। सभी तरह की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक, मनोरंजन, खेल व अन्य सामूहिक गतिविधियां बंद रहेंगी। समस्त धार्मिक पूजा स्थल जन सामान्य के लिए बंद रहेंगे और धार्मिक जुलूस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यहां ओपीडी भी नहीं खोले जा सकेंगे।
बुजुर्ग और बच्चों का खास ख्याल
समस्त जोन में 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग, एक से अधिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियों और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे घर के अंदर ही रहेंगे। केवल स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर ही इन्हें बाहर निकलने की अनुमति होगी।
इस तरह जोन का निर्धारण
- ग्रीन जोन : ऐसे जिले जहां आज तक कोई भी पुष्ट केस नहीं है। ऐसे जिले भी जहां पिछले 21 दिनों में एक कोई भी पुष्ट केस नहीं है।
- रेड जोन : ऐसे जिले जिन्हें केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कुल एक्टिव केस, केस के दोगुने होने की दर, टेस्टिंग की सीमा और सर्विलांस फीडबैक के अनुसार तय किया है।
- आरेंज जोन : जो जिले न तो रेड जोन श्रेणी में हैं और न ही ग्रीन जीन में। ये आरेंज जोन में माने जाएंगे