प्रदेश में निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने कर दिया। उत्तर प्रदेश के 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायत में तीन चरणों में चुनाव सम्पन्न होंगे।
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चुनाव का पहला चरण 22 नवम्बर को होगा। इसमें 5 नगर निगम, 71 नगर पालिका परिषद में चुनाव सम्पन्न होंगे।
दूसरा चरण 26 नवम्बर को होगा, जिसमें 26 नगर निगम और 51 पालिका परिषद में चुनाव कराए जाएंगे।
29 नवंबर को होने वाले तीसरे चरण में 26 जिलों में 5 नगर निगम और 76 नगर पालिका परिषद के चुनाव होंगे। मतदान सुबह 7.30 से शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना 1 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। परिणाम की सूचना मोबाइल पर मैसेज से मिलेगी।
चुनावों की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। जिसके चलते राजस्व, पुलिस, गृह, नगर विकास में ट्रांसफर, नियुक्ति पर प्रतिबंध होगा।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार के संसाधन से चुनाव कराने का फैसला किया है। चुनाव सुरक्षा में पैरा मिलिट्री फोर्स का के बजाए यूपी पुलिस, पीएसी तैनात की जाएगी। 10 % मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
नगर निगम के चुनाव ईवीएम से जबकि नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। बैलेट पेपर पर प्रत्यशी की फोटो भी होगी।
चुनाव खर्च की सीमा बढ़ी
नगर निगम चुनाव में खर्च की सीमा में भी बढ़ोतरी की गई है। लखनऊ और कानपुर में चुनाव खर्च की सीमा को 12.50 लाख से बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है। बाकी 14 नगर निगम में प्रत्याशी 20 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। नगर निगम पार्षद 2 लाख तक खर्च कर सकेंगे, वहीं पालिका परिषद में 41 से 55 वार्ड तक 4 लाख से बढ़ाकर 8 लाख और 25 से 40 वार्ड में 4 से बढ़ाकर 6 लाख रुपये किया गया है। सभासद 1.50 लाख तक खर्च कर सकेंगे।