आरोपियों ने रेलवे के फर्जी दस्तावेज लगाकर बीओआई से 15 लाख का लोन ले लिया। दस्तावेजों की जांच करने पर फर्जीवाड़ा खुला। शाखा प्रबंधक ने मलिहाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
राजधानी लखनऊ में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा ढेडेमऊ, मलिहाबाद के ब्रांच मैनेजर सुधेंदु रंजन तिवारी ने तीन लोगों पर रेलवे के फर्जी दस्तावेज लगाकर 15 लाख रुपये लोन लेने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर मलिहाबाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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सुधेंदु ने बताया कि 12 अगस्त 2024 को माल के बाजार गांव निवासी रामपाल ने बैंक में 15 लाख के पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया था। लोन के गारंट राजाजीपुरम के भपटामऊ निवासी रघुवीर कमला और ड्यू डेलीगेंस एजेंसी गोल्ड रश सर्विसेज थी। रघुवीर और रामपाल ने बैंक में अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और मंडल रेल प्रबंधक की ओर से जारी पहचान पत्र लगाए थे।
इस पर बैंक ने रामपाल को लोन स्वीकृत कर दिया था। बैंक ने 15 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर की थी। सुधेंदु ने बताया कि जब उन्होंने बैंक में लगाए गए रेलवे के पहचान पत्र और दस्तावेजों की जांच की तो वे फर्जी निकले। विभाग से संपर्क करने पर पता चला कि रामपाल और रघुवीर नाम के लोग रेलवे में काम नहीं करते हैं।
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ब्रांच मैनेजर का यह भी आरोप है कि तब से अभी तक आरोपी रामपाल ने बैंक को लोन की एक भी किस्त नहीं दी। संपर्क करने पर आरोपी ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि रामपाल ने लोक धन का गबन किया है। इसमें उसका साथ रघुवीर और एजेंसी ने दिया है।
सुधेंदु ने मामले की अर्जी कोर्ट में दायर की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीनों पर कार्रवाई की। इंस्पेक्टर सुरेंद्र भाटी ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। बैंक ठगी संबंधी सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।