शहरों में अवैध होर्डिंग लगाने वालों को अब जुर्माना भरना होगा। नगर निगम
इसके लिए विशेष अभियान चलाएंगे।
सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह ने इस बाबत
नगर आयुक्तों को आदेश दिए हैं। वसूली अभियान में लापरवाही पर संबंधित
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की हिदायत भी दी गई है।
शहरी
क्षेत्रों में होर्डिंग का कारोबार तेजी से बढ़ा है। बहुराष्ट्रीय
कंपनियां होर्डिंग लगाने के एवज में मोटी रकम चुकाती हैं, इसके बाद भी नगर
निगमों का खजाना खाली का खाली ही रहता है।
नगर निगम के अधिकारी और होर्डिंग
ठेकेदार मिलीभगत से मोटी कमाई करते हैं। इसके अलावा नेता भी होर्डिंग पर
कब्जा कर लेते हैं या अवैध तरीके से होर्डिंग लगा देते हैं।
इसकी जानकारी
नगर विकास विभाग को मिली थी। सचिव नगर विकास ने इसके आधार पर अधिकारियों को
यह आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि नगर निगम शहरी क्षेत्रों में अभियान
चलाकर ऐसे होर्डिंग को चिह्नित करेंगे।
यह पता लगाएंगे कितने होर्डिंग से
पैसे जमा हो रहे हैं और कितनों से नहीं। अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटाए
जाएंगे और इसे लगाने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। यह राशि होर्डिंग अवधि
को जोड़ते हुए तय की जाएगी।
नगर निगम यह भी सूचना देंगे अभियान के दौरान
कितने अवैध होर्डिंग मिले और उनसे कितने से जुर्माना वसूला गया।