मेडल पाने के बाद पत्नी के साथ एनसी तिवारी
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लखनऊ विश्वविद्यालय में पिछले दिनों दीक्षांत समारोह के पदक वितरण के बाद बुधवार को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में अनोखा पदक वितरण हुआ। पदक प्राप्त करने वाले पिछले एक या दो शैक्षिक सत्र नहीं बल्कि 26 साल पहले के एलएलबी टॉपर थे।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके शर्मा ने बुधवार को पदक विजेता एनसी तिवारी को चार मेडल प्रदान किए। पुणे में चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स के पद पर तैनात एनसी तिवारी की पोस्टिंग महाराष्ट्र में हो गई थी।
इसके बाद वे पदक लेने नहीं आ सके। पिछले दिनों उन्होंने विवि से पदक के लिए संपर्क किया। विवि ने पुराने रिकॉर्ड से सत्यापन करके बुधवार को उन्हें मेडल दे दिए।एनसी तिवारी ने बताया कि उनका चयन वर्ष 1987 में इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज में हो गया था।
लखनऊ में तैनाती के दौरान उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। मगर, दीक्षांत समारोह से पहले ही उनका ट्रांसफर महाराष्ट्र हो गया। इसलिए वे दीक्षांत समारोह में भाग नहीं ले सके।
इसके बाद वे पढ़ाई के लिए विदेश चले गए। वापस आकर सर्विस जॉइन कर ली। कभी मौका नहीं लगा कि आकर अपने मेडल ले लें। अब मौका मिला तो विवि से संपर्क किया। विवि ने इस पर पूरा ध्यान दिया और पुराने रिकॉर्ड से मेडल निकालकर दिए।
उनके अनुसार मेडल पाकर लग रहा है कि अभी-अभी पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के नाम से दिया जाने वाले मेडल जीतने पर विशेष खुशी जाहिर की। मेडल लेने के दौरान उनकी पत्नी भी साथ थीं।
मिले ये मेडल--
बाबू महावीर प्रसाद मेमोरियल गोल्ड मेडल, पंडित देवी सहाय मिश्रा गोल्ड मेडल, श्री द्वारका प्रसाद निगम गोल्ड मेडल और डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल