यूपी में मतदान की शुरुआत ताबड़तोड़ अंदाज में हुई है। शाम को मतदान खत्म होने तक वेस्ट यूपी की 10 सीटों पर 65 फीसदी मतदान हुआ।
निर्वाचन आयोग से मिल रही जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा वोटर टर्नआउट कैराना में 70.85 फीसदी वोट के साथ हुआ है। सहारनपुर में भी 70.64 फीसदी वोट पड़े हैं।
इसके अलावा, मुजफ्फरनगर में 67.78 फीसदी, बिजनौर में 65.38 फीसदी, गाजियाबाद में 60.20 फीसदी, मेरठ में 62.68 फीसदी और बागपत में 65.6 फीसदी वोट पड़े हैं।
इतना ही नहीं, अलीगढ़ में 60 फीसदी, गौतमबुद्ध नगर में 58.83 फीसदी, बुलंदशहर में 59.36 फीसदी वोट पड़े हैं।
दंगा प्रभावित इलाके में सबसे ज्यादा वोट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी 10 सीटों पर हो रहे मतदान में मतदाताओं ने 2009 लोकसभा चुनाव का रिकॉर्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड बना दिया है।
शाम पांच बजे तक के आंकड़े राजनीति की बदलती हुई तस्वीर बयां कर रहे हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा 67.66 फीसदी वोट दंगे से प्रभावित रहे कैराना में पड़े हैं।
पिछले दिनों दंगे और उसके बाद राजनीति का केंद्र रहे मुजफ्फरनगर में भी 65.06 फीसदी वोट पड़े हैं। इसके अलावा, तीन बजे तक सबसे आगे चल रहे सहारनपुर में भी 66.5 फीसदी वोट पड़े हैं।
इनके अलावा, बिजनौर में 61 फीसदी, बागपत में 61.8 फीसदी, गाजियाबाद में 57 फीसदी, गौतमबुद्ध नगर में 52 फीसदी, बुलंदशहर में 56 फीसदी और अलीगढ़ में 54.8 फीसदी वोट पड़े हैं।
तीन बजे भी सहारनपुर टॉप पर
निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी किए गए ताजा आंकड़े के मुताबिक, तीन बजे तक यूपी में बंपर वोटिंग का सिलसिला जारी है।
मिल रही जानकारी के मुताबिक, मेरठ में 54.3 फीसदी, बिजनौर में 53 फीसदी, बागपत में 47.4 फीसदी, कैराना में 56.3 फीसदी, गौतमबुद्ध नगर में 47.5 फीसदी, मुजफ्फरनगर में 55 फीसदी, गाजियाबाद में 45 फीसदी और बुलंदशहर में सिर्फ 44.5 फीसदी मतदान हुआ है।
यहां दिलचस्प बात यह है कि इमरान मसूद की सहारनपुर सीट अब भी सबसे आगे है। यहां अब तक सबसे ज्यादा 58 फीसदी मतदान हुआ है। जबकि, अलीगढ़ में अचानक वोट की गिरावट आने से 42.5 फीसदी वोटिंग के साथ यह सबसे पीछे पहुंच गया है।
हालांकि, इससे उम्मीद लगाई जा रही है कि वोटिंग खत्म होने तक यह आंकड़ा 80 फीसदी तक भी छू सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा।
एक बजे तक वोटिंग का ये है ट्रेंड
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़े के मुताबिक, वेस्ट यूपी की ज्यादातर सीटों पर एक बजे तक मतदान काफी बढ़ा है।
मिल रही जानकारी के मुताबिक, मेरठ में 42 फीसदी, बिजनौर में भी 42 फीसदी, बागपत में 35.3 फीसदी, कैराना में 44.4 फीसदी, गौतमबुद्ध नगर में 35 फीसदी, मुजफ्फरनगर में 41.56 फीसदी, अलीगढ़ में 30.37 फीसदी और बुलंदशहर में सिर्फ 32 फीसदी मतदान हुआ है।
यहां दिलचस्प बात यह है कि इमरान मसूद की सहारनपुर सीट पर अब तक सबसे ज्यादा 45 फीसदी मतदान हुआ है। जबकि, पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह और राजबब्बर की सीट गाजियाबाद पर सबसे कम यानी 30 फीसदी मतदान हुआ है।
हालांकि, इससे उम्मीद लगाई जा रही है कि वोटिंग खत्म होने तक यह आंकड़ा 80-85 फीसदी तक भी छू सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा।
12 बजे तक कहां-कितना पड़ा वोट
निर्वाचन आयोग की तरफ से मिल रही जानकारी के मुताबिक, 12 बजे तक मुजफ्फरनगर में 30.99 फीसदी और बागपत में 22.10 फीसदी वोट पड़ चुके हैं।
इसके अलावा, कैराना सीट पर 30.24 फीसदी वोट पड़ चुके है और मेरठ में भी वोट प्रतिशत बढ़कर करीब 29 फीसदी पहुंच गया है। इस बीच यह भी खबर मिली है कि सहारनपुर में वोटर्स को रोककर उन्हें चहेते प्रत्याशी को वोट डालने के लिए धमकाया जा रहा है।
इस बीच यह भी खबर आ रही है कि 17 अप्रैल को कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा गोंडा से पर्चा दाखिल करेंगे।
जानिए, 11 बजे तक कितना हुआ मतदान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वोटिंग का ट्रेंड काफी अलग देखने को मिल रहा है। बुलंदशर और गाजियाबाद में छिटपुट झड़प के बीच लोग भारी तादाद में वोट देने के लिए निकल रहे हैं।
एक अनुमान के मुताबिक, यूपी की सभी 10 सीटों पर औसतन 25 फीसदी मतदान हो चुका है, जिसे अच्छी खबर के रूप में देखा जा रहा है।
अब तक मिल रहे आंकड़े के मुताबिक, बिजनौर में 26 फीसदी मतदान हो चुका है। इसी तरह, अलीगढ़ में 21 फीसदी, बुलंदशहर में 22 फीसदी, मेरठ में 25.1 फीसदी, कैराना में 27 फीसदी और गौतमबुद्धनगर में 23 फीसदी वोट पड़े हैं।
सबसे ज्यादा मतदान कांग्रेस के विवादित नेता इमरान मसूद की सीट सहारनपुर में 33.55 फीसदी हुआ है।
बयानों की भी अपनी सियासत
प्रियंका गांधी: देश में मोदी की कोई लहर नहीं है। मैं सिर्फ अमेठी और रायबरेली में ही प्रचार करूंगी। कांग्रेस पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
लक्ष्मीकांत बाजपेयी: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद साबित हो गया है कि मुजफ्फरनगर दंगे सपा ने करवाए हैं। अब सपा किस आधार पर भाजपा पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगा रही है। हम सांप्रदायिक आधार पर वोट लेना नहीं चाहते हैं, क्योंकि वैसे ही हमें वेस्ट यूपी की 10 सीटों पर जीत मिल रही है।
यह चुनाव मेरे कॅरियर के लिए बेहद अहम है। मैं पश्चिम यूपी का हूं, मुझ पर पार्टी ने भरोसा दिखाया है इसलिए मैं चाहूंगा कि सभी 10 सीटें भाजपा को मिलें।
कौकब हमीद: विकास के वादे सिर्फ कहानी हैं। मैं बहुत देखे हैं देश को पेरिस बनाने का वादा करने वाले।
इधर पड़ रहे वोट, उधर बिक रही दारू
रालोद नेता अमर सिंह ने सूर्यनगर बूथ पर वोट डाला। कुमार विश्वास, प्रियंका गांधी और राजेंद्र चौधरी जैसे यूपी के दिग्गज नेता भी वोट डाल चुके हैं।
किदवई नगर में भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद की गई हैं।
शराब माफिया ठेले पर रखकर गली-मोहल्लों में शराब बेच रहा था। इसी तरह, बुलंदशहर से भी खुलेआम शराब बेचने की खबर आ रही है।
मुजफ्फरनगर में भारी तादाद में मतदान की उम्मीद नजर आ रही है। दरअसल, वहां कई मरीज अस्पतालों से निकलकर वोट डालने पहुंच रहे हैं।
भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह पर हमला
ताजा खबर आ रही है कि बडौत के मलकपुर गांव में भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह पर हमला किया गया है। हलांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर कौन थे और हमले की वजह क्या रही।
इतना ही नहीं, बागपत में भी राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता बवाल मचाए हुए हैं। उनका आरोप है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। अब वे इलाके में तांडव मचा रहे हैं।
इसी तरह, गाजियाबाद और बुलंदशहर में भी दो पक्षों के बीच झड़प की सूचना मिल रही है।
146 प्रत्याशी, 1.74 करोड़ मतदाता
उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान का पहला चरण शुरू हो चुका है। पहले चरण में दस सीटों पर मतदान हो रहे हैं।
पहले चरण में प्रदेश की दस सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं। जिसके लिए 146 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 1.74 करोड़ मतदाता करेंगे।
आज पूरे देश में 11 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर मतदान हो रहा है। इन सीटों पर कुल 1418 प्रत्याशी मैदान में हैं और 11 करोड़ वोटर अपने मत का प्रयोग करेंगे।
इन दिग्गजों की किस्मत है दांव पर
पश्चिमी यूपी की 10 लोकसभा सीटों पर ईवीएम में कई दिग्गजों की किस्मत भी दांव पर लगी है। उर्वरा जमीन और खुशहाल इलाके के बदहाल गन्ना किसानों और जर्जर सड़कों वाले इस इलाके की राजनीति में मुजफ्फरनगर दंगा और मोदी इफेक्ट का असर साफ नजर आ रहा है।
यूपी में पहले चरण के मतदान वाले दोआबे के इस भूभाग की अधिकांश सीटें वोटों के ध्रुवीकरण की प्रयोगशाला बनती दिख रही हैं।
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर सत्यपाल सिंह, पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह, राज बब्बर, जयाप्रदा, नगमा के साथ ही प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर की किस्मत का फैसला इसी चरण में होना है।