सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा लायन सफारी में बब्बर शेरों के कुनबे का पहला फूल मई के बाद ही खिल सकेगा।
शेरों को भले ही जबरदस्त सर्दी में वहां उतारा जाएगा, लेकिन उनका कुनबा गर्मी के मौसम में ही बढ़ेगा।
कारण जनवरी 2014 की शुरुआत में दो जोड़े एशियाई बब्बर शेरों के उतारे जाने के बाद उनकी मेटिंग में लगने वाले समय पर पूरी प्लानिंग निर्भर कर रही है।
प्रोजेक्ट के तहत यहां पहले दौर में कानपुर जू और लखनऊ जू में रह रहे दो एशियाई बब्बर शेरों को उतारा जाना है।
शनिवार को यहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सफारी के फिशर जोन में लगाये जा रहे डेढ़ लाख पौधों की कतार का अंतिम पौधा रोपेंगे। इसके बाद वे सफारी का उद्घाटन भी करेंगे।
सीएम यहां इस दौरान बफर जोन, सफारी जोन, पिकनिक स्पाट के अलावा ब्रीडिंग सेंटर, डेन, निर्माणाधीन वन्यजीव चिकित्सालय समेत अन्य स्थलों का दौरा कर वहां चल रही तैयारियों का जायजा भी लेंगे।
सरकार के मेगा प्रोजेक्ट में सीएम के दौरे के चलते वन विभाग के आला अधिकारियों का दल अक्टूबर माह की शुरुआत से ही यहां की प्लानिंग पर तैयारियों में जुटा हुआ था। खुद पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) डा. रूपक डे यहां चार दिनों में दो बार दौरा कर चुके हैं।
बब्बर शेरों की ब्रीडिंग के लिये कहीं कोई दिक्कतें न आयें इसके लिये 3 अक्टूबर को आगरा के भालू संरक्षण केन्द्र से एक वरिष्ठ चिकित्सक-विशेषज्ञ ने भी ब्रीडिंग सेंटर, डेन के साथ ही तैयार हो रहे निर्माणाधीन वन्यजीव चिकित्सालय के तकनीकी पहलुओं पर रिपोर्ट बनाई है। देर रात तक विभाग के आला अधिकारी सीएम केइस दौरे को लेकर स्टेप बाई स्टेप प्लान पर काम करते रहे।
पहले स्टेज में दो जोड़े बढ़ायेंगे कुनबा
प्रोजेक्ट के तहत यहां जनवरी 2014 केपहले पखवारे में कानपुर जू के बब्बर शेर विष्णु और लक्ष्मी, लखनऊ जू के हीर और मोजकब कुबेर को उतारा जाना है।
लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो सफारी में पहला शावक विष्णु-कुबेर का हो सकता है क्योंकि दोनों एकदम यंग है। जबकि लखनऊ जू में नर बब्बर शेर अभी वयस्क नहीं हुआ है।
इसके अलावा शेर अभी तक एक दूसरे से अलग ही रह रहे हैं। मेटिंग के बाद लगभग 110 दिन का प्रजनन काल होने से इंतजार लंबा खिंच सकता है।