इटावा लॉयन सफारी में जाने के बाद वीआईपी शेर किस आकार के बर्तनों में खाना खाएंगे और पानी पिएंगे।
उनकी दवाओं या अन्य सामान के रख रखाव के लिए रेफ्रिजरेटर जंबो साइज का हो या सामान्य, इन सबका जायजा लिया जा रहा है।
जनवरी 2014 में सफारी में उतारे जाने के बाद उनकी सुविधाओं में कोई कमी न रहे।
इसके लिए प्रोजेक्ट से जुड़े आला अधिकारियों की माथापच्ची जारी है।
अफसर फेर रहे अखिलेश की नीतियों पर पानी
शेरों की देखभाल, उनके लिए वहां बन रहे अस्पताल और उनके रोजमर्रा के उपयोग से जुड़ी वस्तुओं का खाका भी तैयार हो रहा है।
जैसे-जैसे लॉयन सफारी में एशियाई बब्बर शेरों को उतारे जाने का दिन नजदीक आ रहा है, तैयारियों ने जोर पकड़ा है।
इस प्रोजेक्ट से मुख्य रूप से जुड़े वन विभाग के आला अधिकारी गुरमीत सिंह पिछले दो दिनों से शहर में डेरा डाले हुए हैं।
उनके साथ पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) डा. रूपक डे ने भी दोपहर में घंटों लखनऊ प्राणि उद्यान का दौरा किया।
उनके साथ निदेशक अनुपम गुप्ता भी थे। टीम ने यहां करीब आधे घंटे से अधिक समय तक बलरामपुर लॉयन हाउस के भीतर जाकर सफारी प्रोजेक्ट के शेरों हीर-मोजकब कुबेर की दिनचर्या का जायजा लिया।
टीम ने यहां शेरों को भोजन परोसने समेत उनके रोजमर्रा से जुड़े कुछ जरूरी सामानों का एक खाका भी तैयार किया।
इसके बाद टीम ने नजदीक के लॉयन हाउस (प्रिंस-शिवांगी बाड़े) का हालचाल लिया, जहां नवंबर में गुजरात से अन्य चार एशियाई शेर आने हैं।
मालूम हो कि जनवरी में लखनऊ जू के एशियाई बब्बर शेर हीर-मोजकब कुबेर व कानपुर जू के विष्णु-लक्ष्मी को इटावा जाना है।
एक क्विंटल से ज्यादा मीट रोज खाएंगे
सफारी में उतारे जाने वाले आठ वीआईपी शेर प्रतिदिन एक क्विंटल से अधिक मीट की खुराक लेंगे। एक एशियाई बब्बर जाड़ों में 9 से 12 किलो तक की खुराक लेता है।
प्रोजेक्ट से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक उन्हें यह खुराक किस हिसाब से दी जाए, कितने बड़े बर्तन में दी जाए, वे दिन भर में कितना पानी पिएंगे और इसके लिए वाटर पॉट कैसा हो, इन सब पर गहन चर्चा हो रही है।
अधिकारियों की मानें तो सफारी प्रोजेक्ट में तैयार हो रहे अस्पताल के तमाम चिकित्सकीय उपकरण कैसे और किस क्षमता के हों, यह जानने के लिए ही लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय वन्य जीव चिकित्सालय का दौरा किया गया।
लंदन दौरे के बाद फेरबदल संभव
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों व मंत्री की एक टीम इसी हफ्ते लंदन जा रही है। टीम लंदन जू के अलावा नौ हजार एकड़ में फैले 40 प्रजातियों वाले वन्यजीवों की सफारी का मुआयना भी करेगी।
माना जा रहा है कि इस दौरे से लौटने के बाद सीएम को रिपोर्ट देने से पहले टीम योजना में मामूली फेरबदल भी कर सकती है।
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