इकबाल बिजली चालू करने के लिए 11 हजार वोल्ट की लाइन एवं ट्रांसफार्मर के बीच दो फ्यूज बांध चुका था। उसने जैसे ही तीसरा फ्यूज बांधने के लिए नंगे तारों को छुआ तो जोरदार धमाका हुआ। वह लाइन में चिपक गया। काम करने के दौरान इकबाल के सहयोग में उसके नीचे सीढ़ी पर ही अल्ताफ भी खड़ा जो भी करंट की चपेट में आ गया। इससे उसके शरीर के कई हिस्से जल गए, जिसका ट्रामा में उपचार चल रहा है। फिलहाल प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
राजधानी लखनऊ में रविवार को मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र पर तैनात लाइनमैन इकबाल अंसारी 11 हजार वोल्ट की लाइन में चिपक गया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। करंट की चपेट में आकर उसका सहयोगी अल्ताब भी झुलस गया। वह करंट के झटके से सीढ़ी से नीचे गिर गया। इससे उसकी जान तो बच गई लेकिन, चोट आ गई। दोनों कर्मचारी बिजलीघर के ऑपरेटर गिरजा शंकर की जानकारी में लिखा-पढ़ी करने के बाद काम कर रहे थे। इसके बाद भी लापरवाही से बरती गई। काम के बीच में बंद लाइन चालू हो गई। इससे हादसा हो गया।
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चौक के अधिशासी अभियंता रमन ने बताया कि शाम करीब साढ़े तीन बजे मेडिकल कॉलेज पीआरओ ऑफिस के सामने इंटरलिकिंग फीडर के करंट ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने से बिजली बंद हो गई थी। इस फ्यूज को बांधने के लिए सआदतगंज करीमगंज निवासी इकबाल अंसारी तीन अन्य साथियों के साथ मेडिकल कॉलेज परिसर गया था।
सवाल : बंद बिजली कैसे चालू हो गई
जिस खतरनाक लाइन पर कर्मचारी काम कर रहे थे वह कैसे चालू हो गई। कहीं ऑपरेटर ने गलती से बंद फीडर को लाइनमैन से बात किए बिना ही चालू तो नहीं कर दिया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल, बंद बिजली बिना लाइनमैन से बात किए ऑपरेटर ने कैसे चालू कर दी। हालांकि, अंदेशा यह भी कि मेडिकल कॉलेज परिसर के जनरेटर के चालू होने से लाइन पर करंट दौड़ गया, जिससे भी हादसा हो सकता।
नहीं पहुंचे जेई-एसडीओ
उपकेंद्र कर्मियों ने बताया कि घटना की सूचना दिए जाने के बाद भी इलाके के जेई खुर्शीद अहमद एवं एसडीओ गुलशेर अली काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंचे। इससे कर्मियों में काफी आक्रोश है।